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कोरोना वायरस के दो मूल लक्षण होते हैं बुख़ार और सूखी खांसी, और बहुत बार ऐसा होता है कि व्यक्ति को सांस लेने में भी दिक्कत होती है, दरअसल, इसी आधार पर मरीजों का इलाज क‍िया जा रहा था, लेक‍िन अब कोरोना ने अपनी चाल ही बदल दी है। हर दिन नए-नए रूप और रंग में दिख रहा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस के एक नए लक्षण के प्रति पूरी दुनिया को आगाह किया है।

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अब तक कोरोना के मरीजों में कफ, सर्दी, बुखार, गला सूखना, थकान महसूस होना, खांसी आना और सांस लेने में तकलीफ, अचानक सूंघने की क्षमता खत्‍म , आंखें गुलाबी होने, को ही नोट‍िस क‍िया जा रहा था, लेक‍िन बाद में कुछ मरीजों में बोलने में दिक्‍कत के साथ- साथ अगर चलने में दिक्‍कत हो रही है।

डब्‍ल्‍यूएचओ के विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्‍यक्ति को बोलने में दिक्‍कत के साथ- साथ अगर चलने में दिक्‍कत हो रही है तो उसे तत्‍काल डॉक्‍टर को द‍िखाना चाहिए। इसी सप्‍ताह हुए एक अन्‍य शोध में कहा गया था कि कोरोना वायरस का एक अन्‍य लक्षण मनोविकृति भी है। मेलबर्न की ला ट्रोबे यूनिवर्सिटी ने चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस की वजह से कई मरीजों में मनोरोग बढ़ रहा है।

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