हम सभी ने यह सुना है कि जब हम फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे होते हैं तो हमें फोन की बैकग्राउंड ऐप्स जो हमसे ओपन रह जाती है उन्हें बंद कर देना चाहिए। बहुत से लोग यह मानते हैं कि बैकग्राउंड में ऐप्स को ओपन रखने से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है।

लेकिन यकीन मानिए कि यह केवल मिथ है और इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। हम सभी जल्द से जल्द अपने बैकग्राउंड ऐप्स को क्लोज करने की हैबिट में होते हैं। ऐसा कर के हम सोचते हैं कि इस से हमारे आईफोन या एंड्राइड की बैटरी लाइफ बची रहेगी। लेकिन वाकई में ऐसा नहीं है।

जब हम अपने एंड्राइड या आईफोन में एक से दूसरी ऐप में स्विच करते हैं तो कई ऐप्स बैकग्राउंड में रनिंग ही छूट जाती है। लेकिन आपको बता दें कि ये ऐप्स ज्यादा बैटरी का उपभोग नहीं करती है।

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Hiroshi Lockheimer, Google प्लेटफॉर्म और इकोसिस्टम (एंड्रॉइड, क्रोम, क्रोम ओएस, प्ले) के सीनियर वीपी ने इस बात को उन्होंने बेहतर ढंग से समझाया है कि एंड्रॉइड यूजर्स को अपने स्मार्टफोन के ऐप्स बंद करना चाहिए या नहीं। वह मानते हैं कि एंड्रॉइड ओएस काफी स्मार्ट होते हैं और जानते हैं कि किस ऐप को इस्तेमाल करना है और किस को नहीं, इसलिए बैकग्राउंड ऐप्स को बंद करने की कोई जरूरत नहीं होती है।

लॉकहाइमर ऐसा मानने वाले अकेले शख्स नहीं है बल्कि ऐप्पल के आईओएस प्रमुख Craig Federighi ने भी इस बात का समर्थन किया है। इसलिए अपने आईफोन या एंड्राइड डिवाइसेज में से ऐप्स को जबरन बंद करना कोई समझदारी वाला काम नहीं है।

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कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बैकग्राउंड ऐप्स को बंद करना जरूरी नहीं और ना ऐसा करना चाहिए क्योंकि यह वास्तव में बैकग्राउंड ऐप्स को क्लोज करने में अधिक बैटरी और मेमोरी रिसोर्सेज की आवयश्कता होती है।

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