कश्मीर में बढ़ते सैन्य अभियानों का नतीजा सामने आने लगा है। बता दें कि घाटी में मौजूद आतंकी संगठन अब अपने शिविरों को एक बार फिर से पाक अधिकृत कश्मीर यानि पीओके में शिफ्ट करने लगे हैं। इंडियन आर्मी ने भी स्थानीय आतंकी कमांडरों तथा उनके गुर्गों से निपटने की ठान रखी है। ऐसे में घाटी में डेरा जमाए आतंकियों में खलबली मच गई है।

यह बात सभी जानते हैं कि पीओके से ही आतंकी शिविरों का संचालन किया जाता रहा है। मौजूदा समय में भी यह काम जारी है। कश्मीर से स्थानीय युवकों को बरगलाकर पीओके ले जाया जाता था, और उन्हें जेहादी बनाने के नाम हथियार पकड़ा दिए जाते थे। इसके बाद उनका ब्रेन वॉश कर आतंकी शिविरों में दहशतगर्द बनाने की पूरी ट्रेनिंग दी जाती थी। ट्रेनिंग पूरी होते ही इन्हें कश्मीर तथा अन्य इलाकों में आतंक फैलाने के लिए भेज दिया जाता था।

अब इंडियन आर्मी की एलओसी पर सख्ती से आतंकी संगठनों ने अपने शिविर दुर्गम और सुदूर जंगलों में लगाने शुरू कर दिए हैं। सैन्य अभियानों की तेजी से घाटी के स्थानीय कमांडरों की बेचैनी बढ़ गई है। सेना इन आतंकियों को लगातार अपना निशाना बना रही है, ऐसे में घाटी में मौजूद शिविर अब दोबारा पीओके में शिफ्ट होने लगे हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक के इंचार्ज रहे लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा के अनुसार, घाटी में अब आतंकियों के बड़े कैंप नहीं बचे हैं। हांलाकि आतंकी भी सेना को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। वर्तमान में आतंकी कश्मीर के दुर्गम और सुदूर जंगलों में जमीन के नीचे बने बंकरों में छुप जाते हैं। सेना के डर से अब आतंकी ज्यादा समय तक रिहायशी इलाकों में नहीं रहते। काम पूरा होते ही वह जंगलों में बने बंकरों में लौट जाते हैं। सेना अब घाटी के जंगलों में बने इन बंकरों की तलाश जोरों से कर रही है।

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