दोस्तों, आपको याद दिला दें कि इंडियन आर्मी की युद्ध नीति से जुड़ी कोल्ड स्टार्ट की खबरें मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। दरअसल कोल्ड स्टार्ट, इंडियन आर्मी की ऐसी सैन्य रणनीति है, जब पाकिस्तान से युद्ध की स्थिति में तुरंत जवाबी कार्रवाई की जाए। इस नीति का मुख्य मकसद है अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मध्यस्थता से पहले ही भारत की ओर से पड़ोसी देश पाकिस्तान को माकूल जवाव देना।

इस युद्ध नीति के तहत पाक को परमाणु हमले के लिए उकसाए बिना ही एक जवाबी कार्रवाई होगी। इंडियन आर्मी की इस कोल्ड स्टार्ट नीति का दावा अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों के जरिए किया गया था।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल जुलाई के महीने में पाकिस्तान ने बैलिस्टिक मिसाइल नस्र का सफल परीक्षण किया था। इस मिसाइल के परीक्षण करते ही पाक आर्मी चीफ जनरल कयूम जावेद बाजवा ने कहा था कि नस्र के परीक्षण से भारतीय सेना के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन पर पानी फिर गया है। पाक सेना ने कहा था कि नस्र उच्च क्षमता वाली हथियार प्रणाली है, जो बिल्कुल कम समय में हमले करना संभव है। नस्र की मारक क्षमता 60-70 किलोमीटर है।

हांलाकि उन दिनों तत्कालीन सेना जनरल वीके सिंह ने कहा था कि भारत का कोई कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत नहीं है, उन्होंने अमेरिकी के गोपनीय दस्तावेजों के दावे को एक सिरे से खारिज कर दिया था। लेकिन दोस्तों, पाकिस्तान को अब इस बात का अहसास होना चाहिए कि साल 2020 तक भारतीय सेना में शामिल होने जा रही डिफेंस मिसाइल एस-400 का जवाब उसके पास नहीं है। एस-400 डिफेंस सिस्टम के जरिए न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइलों को भी हवा मेें ही बड़ी आसानी से नष्ट किया जा सकता है।

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