बीजेपी को दिल्ली विधानसभा चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली में केजरीवाल ने 62 सीटें जीती है और वहीं बीजेपी 8 सीटें जीतने में कामयाब रही। दिल्ली की हार के साथ पिछले 14 महीनों में बीजेपी को सात राज्यों में हार का मुंह देखना पड़ा है वहीं 5 राज्यों में बीजेपी को अपनी सत्ता से हाथ भी धोना पड़ा है।

दिल्ली में पिछले 22 सालों से बीजेपी नहीं आई आई है। बीजेपी ने इस बार इस वनवास को तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाई। अब इसमें 5 साल और बढ़ जाएंगे।

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2014 के बाद देश भर में बीजेपी ने बनाई थी पकड़

2014 में बीजेपी की सरकार सिर्फ 7 राज्यों में लेकिन इसके बाद मोदी लहर ने अपना कमाल दिखाया और बीजेपी एक के बाद एक 2015 में वह 13 राज्यों तक पहुंची। इसके बाद बीजेपी ने 2016 में वह 15 राज्यों तक पकड़ बनाई। 2017 में 19 राज्यों तक बीजेपी फैली और 2018 के मध्य तक भाजपा 21 राज्यों में जीतने में कामयाब रही और अब बीजेपी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

शुरू हो गई बीजेपी की उल्टी गिनती

2018 के आखिर में बीजेपी को सबसे पहले राजस्थान से सत्ता से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को हार का स्वाद चखना पड़ा। बीजेपी को दक्षिण भारत के कर्नाटक चुनाव में भी झटका लगा था।

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2018 में हुआ ये हाल

दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश में बीजेपी और टीडीपी की गठबंधन सरकार थी, लेकिन 2018 में दोनों का गठबंधन टूट गया। गठबंधन के टूटने के बाद बीजेपी को यहाँ से भी हार मिली और 2019 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ ओडिशा, अरुणाचल और आंध्र प्रदेश में चुनाव हुए। जिसमे बीजेपी केवल अरुणाचल प्रदेश में जीत सकी।

2019 के आखिर में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड चुनाव

साल 2019 के आखिर में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव हुए। इनमे बीजेपी केवल हरियाणा में अपनी सरकार बना सकी और बाकी 2 राज्यों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।

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