कल का दिन हमारे देश के प्रधानमंत्री के लिए बहुत ही खास रहा क्योकि अब मोदी जी 69 साल के हो चुके हैं। पूरे देश में उनका जन्मदिन जोरो-शोरों से मनाया जा रहा है। एक तरफ जहां पीएम मोदी ने देश में कई तरह की उपलब्धियां हासिल की हैं वहीं, देश की इकोनॉमी और जीडीपी के मोर्चे पर सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में फेल होती नजर आ रही है। जिससे ऐसा लग रहा है कि इस साल मोदी जी के लिए उनका जन्मदिन अशुभ रहा।


1. देश में आर्थिक मंदी की आहट: इस समय देश आर्थिक मंदी की समस्या से जूझ रहा है। देश की जीडीपी का 5 फीसदी पर पहुंच जाना देश के लिए बड़ा खतरा है। अगर देश के हालात इसी तरह रहते हैं तो देश में स्लोडाउन की स्थिति और तेजी से बढ़ सकती है।

2. बढ़ रही बेरोजगारी: आर्थिक मंदी की आहट के चलते इस वक्त मोदी सरकार के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती देश में बढ़ती बेरोजगारी हैं। मंदी के कारण देश में कई कंपनियां बंद हो रही हैं, जिसका सीधा असर बेरोजगारी पर देखने को मिल रहा है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में हजारों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं।


3 . बैंक का मर्जर: हाल ही में देश की वित्त मंत्री ने बैंकों के मर्जर को लेकर घोषणा की है। उन्होंने देश के 10 सराकरी बैंकों का मर्जर करने के बारे में ऐलान किया है। मोदी सरकार देश में 4 बड़े बैंकों की स्थापना करने के बारे में विचार कर रही है। सरकार के इस फैसले से भी काफी लोग नाखुश हैं।

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