कोरोना की दूसरी लहर बहुत तेजी से लोगों को संक्रमित कर रही है। इस लहर में डेथ रेट भी काफी अधिक है। इसमें डेथ रेट भी अधिक है। किसी भी जानलेवा वैश्विक बीमारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लक्षणों को पहचानना और समझना बेहद जरूरी है। इसके लक्षणों को पहचानकर ही सुरक्षा को लेकर किए गए उपायों से ही इस वैश्विक बीमारी को काबू में किया जा सकता है।


आइए जानते हैं आखिर क्या हैं आचार्य चाणक्य के बताये वो उपाय जिनके माध्यम से उन्होंने बताया है कि कैसे हम किसी महामारी से बच सकते हैं।

पहला उपाय: सुरक्षा के उपाय अपनाये

आचार्य चाणक्य के अनुसार हमें सुरक्षा के उपाय हमेशा अपनाने चाहिए। सभी उपायों के बारे में दूसरे व्यक्तिओं को भी जागरुक करना चाहिए। कोई भी देश अपने देशवासियों के सहयोग से ही किसी वैश्विक बीमारी या महामारी जैसी स्थिति से आसानी से निपट सकता है।

दूसरा उपाय: स्वच्छता का हमेशा रखें ध्यान

आचार्य चाणक्य के अनुसार महामारी के दौरान स्वच्छता का महत्व काफी बढ़ जाता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार स्वच्छता और सफाई एक ऐसा हथियार है जिससे इंसान किसी भी महामारी को जड़ से उखाड़ के फेंक सकता है।

तीसरा उपाय: हमेशा पौष्टिक आहार ही खाएं और जमकर खाएं

आचार्य चाणक्य का मानना था कि कोई भी वैश्विक बीमारी या महामारी के समय जरूरी है कि व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक श्रमता अधिक हो। ऐसे में व्यक्ति को हमेशा अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।

चौथा उपाय: हमेशा अनुशासित जीवन शैली रखें

आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी महामारी के दौरान आलस छोड़ अनुशासित जीवन शैली को चुनना चाहिए। इसके लिए उसे समय पर खाना, पीना और सोना चाहिए।

अंतिम उपाय: घर से बाहर बिना जरुरी काम के कभी भी ना निकलें

आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे समय में बाहर कम या नहीं ही निकलना चाहिए। महामारी के दौरान घर पर ही रहना सबसे अच्छा माना गया है।

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