इंटरनेट डेस्क। हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र महीनों में से एक सावन का महीना शुरू हो चुका है और इस महीने में भोलेनाथ के भक्त अपने इष्ट देव को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते है और उनकी पूजा करते है। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने के दौरान जो भक्त शिव जी को प्रसन्न करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। लेकिन इन सबके अलावा इस महीने में रुद्राभिषेक का भी बहुत महत्व है।

रुद्राभिषेक भगवान शिव के रूद्र रूप की पूजा करने की एक विधि है जिसमें शिवलिंग पर जल और अन्य चीज़ों से वैदिक मन्त्रों का जाप करते हुए अभिषेक किया जाता है। इस रूद्राअभिषेक में गाय के दूध, घी, दही, अमृत, चीनी, गन्ने का रस, पानी, चावल और अन्य चीज़ों का इस्तेमाल किया जाता है।

सावन के महीने में शिवभक्त शिवलिंग का लगातार अभिषेक करते है। यह रुद्राभिषेक सुबह गणेश लक्ष्मी पूजन से शुरू होता है। रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग पर कमल के फूल और बेलपत्र भी चढ़ाये जाते है। अंत में 108 दीये जलाकर शिव जी की आरती भी की जाती है।

सावन के महीने में शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से आपके सभी पाप धूल जाते है। रुद्राभिषेक करने से आपके परिवार में शांति, समृद्धि और खुशियां आती है। यह आपको बुरी ताकतों और नकारात्मक शक्तियों से भी बचाता है। सावन के महीने में शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से आपकी कुंडली में स्थित ग्रहों जैसे चन्द्रमा इत्यादि का नकारात्मक प्रभाव भी समाप्त होता है।

कर्क राशि के लोगों को रुद्राभिषेक करने के सबसे ज्यादा लाभ मिलते है। शनि, राहु, केतु इत्यादि ग्रहों के दोष से पीड़ित लोगों के लिए सावन में शिव पूजन, रुद्राभिषेक और दान करना बहुत फायदेमंद होता है। रुद्राभिषेक में शिव और पार्वती, नंदी और नाग पूजन, प्राणप्रठिस्ता, पंचोपचार पूजनम, नमवली, लघु मंत्रजाप और पूर्णाहुती देना शामिल है।

Related News