वन नेशन वन राशन कार्ड योजना: अब देश में कहीं भी मिलेगा राशन

गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की अहम जिम्मेदारी है। पहले राशन कार्ड धारकों को अपने क्षेत्र की तय दुकान से ही अनाज मिलता था। लेकिन काम के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूरों और दिहाड़ी कामगारों के लिए यह व्यवस्था मुश्किल भरी थी।

इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने One Nation One Ration Card योजना शुरू की। इस योजना के तहत अब राशन कार्ड धारक देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सरकारी राशन दुकान से अनाज ले सकते हैं।

योजना कैसे काम करती है?

इस योजना के तहत राशन कार्ड को आधार नंबर से जोड़ा गया है और सभी राज्यों का डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है। राशन दुकानों में ई-पॉस मशीनें लगाई गई हैं, जहां लाभार्थी बायोमेट्रिक जांच के जरिए अपनी पहचान सत्यापित करते हैं।

जैसे ही पहचान पक्की होती है, सिस्टम बताता है कि व्यक्ति को कितना राशन मिलना है और कितना पहले लिया जा चुका है।

योजना के मुख्य फायदे

  • देशभर में राशन की पोर्टेबिलिटी
  • प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत
  • फर्जी राशन कार्ड पर रोक
  • वितरण प्रणाली में पारदर्शिता

किसे मिलेगा लाभ?

National Food Security Act 2013 के तहत पात्र सभी राशन कार्ड धारक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

ध्यान रहे कि राशन कार्ड का आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध हैं। राज्य की खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है या नजदीकी कार्यालय में फॉर्म जमा किया जा सकता है।

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना ने प्रवासी मजदूरों और गरीब परिवारों की बड़ी समस्या का समाधान किया है। डिजिटल सिस्टम और आधार लिंकिंग ने पारदर्शिता बढ़ाई है और यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी सहायता सही लोगों तक पहुंचे।

यह योजना देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।