डेस्क: भारतीय पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में 30 अगस्त 2021 के दिन भाला फेंक F64 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपना बल्कि पूरे देश का नाम रौशन किया है। होने अपने बेहतरीन थ्रो के साथ 68.55 मीटर दूर तक भाला फेंक कर विश्व रिकॉर्ड भी बना लिया है। अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर वह देश भर में प्रशंसा के पात्र बन गए हैं।

इस शानदार प्रदर्शन के बाद से ही उनकी तुलना नीरज चोपड़ा से की जा रही है। बता दें कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में नीरज चोपड़ा ने पुरुषों के भाला फेंक प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं सुमित अंतिल ने अपने कड़ी मेहनत से टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर व विश्व रिकॉर्ड बना कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

F64 श्रेणी में बने विश्व के नंबर 1 भाला फेंक खिलाड़ी


सुमित अंतिल ने 5 प्रयासों में स्वर्ण पदक को अपने नाम किया। उनका आखिरी थ्रो 68.55 मीटर का था जिसके साथ ही वह F64 श्रेणी के विश्व के नंबर एक खिलाड़ी बन गए। उनका कहना था कि प्रतिदिन प्रैक्टिस के दौरान हुआ 71 से 72 मीटर तक का थ्रो करते थे। लेकिन फाइनल स्पर्धा के दिन वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में वह और भी अच्छा प्रदर्शन कर दिखाएंगे।

कम उम्र में ही करने लगे बहुत अच्छा प्रदर्शन
सुमित अंतिल का जन्म 6 जुलाई को 1998 में हरियाणा के सोनीपत के खेवड़ा में हुआ था। साल 2015 में वह एक बाइक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। जिसके बाद डॉक्टरों को उनका बाया पैर घुटने के नीचे काटकर हटाना पड़ा। एक अन्य पैरा एथलीट राजकुमार ने सुमित को पैरा एथलेटिक्स के बारे में बताया। जिसके बाद सुमित दिल्ली में नितिन जयसवाल से प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। काफी कम उम्र में ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि उनमें भाला फेंकने की काफी अच्छी क्षमता है।

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बनना चाहते थे पहलवान
बचपन से सुमित अंतिल पहलवान बनना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने प्रशिक्षण लेना भी शुरू कर दिया था लेकिन 17 वर्ष की उम्र में दुर्घटना का शिकार होने के बाद उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। कई जानकारों से मिलने और चर्चा करने पर सुमित को भाला फेंकने का सुझाव मिला। जिसके बाद सुमित ने भाला फेंक में ही करियर बनाने का फैसला कर लिया।

शुरुआत में होती थी दिक्कत

उनका एक पैर कृत्रिम होने की वजह से शुरुआत में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार उनके बाएं पैर से रक्त स्राव भी शुरू हो जाता था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कड़े प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया और सफलता भी हासिल की। इसी कृत्रिम पैर के साथ सुनील ने आज इतिहास रच दिया है।

टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण हासिल करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने

अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने 2019 में विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत को रजत दिलाया था। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भी वह भारत को स्वर्ण दिलाने में सफल हुए। इसी के साथ टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण हासिल करने वाले वह दूसरे व्यक्तिगत खिलाड़ी बन गए। बता दें कि टोक्यो पैरालंपिक में भारत का पहला स्वर्ण अवनि लेखरा ने जीता था।

राज्य सरकारों से मिल रहे करोड़ों के इनाम

उनके शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करने के कारण अलग-अलग राज्यों की सरकार उन्हें बड़े इनाम दे रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सुमित अंतिल को 6 करोड़ रुपए नकद इनाम देने की घोषणा की। साथ ही एक अधिकारिक बयान में उन्हें सरकारी नौकरी देने का ऐलान भी किया गया है। इसके साथ ही आनंद महिंद्रा ने भी सुमित अंतिल को एक XUV 700 का स्पेशल जैवलिन एडिशन देने का वादा किया है।


करोड़ों की हुई संपत्ति

करोड़ों का इनाम मिलने के बाद सुमित अंतिल की कुल संपत्ति लगभग 7 करोड़ रुपए की हो गई है। बता दें कि इससे पहले उनकी कुल संपत्ति 30 लाख रुपए की थी जिसमें अचानक एक वृद्धि देखने को मिली। बात करें प्रतिमाह उनके आय की तो इस विषय पर अधिकारिक तौर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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