दोस्तों, आपको बता दें कि देश में आतंकियों के घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षाबलों के वीर जवान हमेशा तैनात रहते हैं। आज हम आपको एनएसजी कमांडो के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें ब्लैक कैट भी कहा जाता है। बता दें कि हर किसी को ब्लैक कैट कमांडो बनने का मौका नहीं मिलता है। ब्लैक कैट कमांडो बनने के लिए 3 साल से लेकर 5 साल तक के लिए कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। आइए जानें, ब्लैक कैट कमांडो को कितनी कठिन ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है।

- कमांडो की उम्र 35 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। कड़ी ट्रेनिंग के लिए फिजिकल और मेंटल टेस्ट होता है।

- तुरंत कार्रवाई करने के लिए जिग जैग रन की ट्रेनिंग दी जाती है। जिस्म के ऊपरी हिस्से को मजबूत बनाने के कठोर एक्सरसाइज करवाई जाती है।

- 60 मीटर की स्प्रिंग दौड़ के लिए केवल 11 से 13 सेकेंड का वक्त दिया जाता है। इस दौरान इन कमांडो की पीठ पर भारी वजन तथा हाथों में हथियार भी होते हैं।

- कमांडो को रस्सी के सहारे एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है।

- 9 फुट के गढ्ढे को बड़ी आसानी से फांद जाते हैं ये कमांडो। रस्सी के सहारे चढ़कर 26 फुट ऊंची दीवार फांदना भी जरूरी होता है।

- 60 फीट ऊंची दीवार पर चढ़ने की ट्रेनिंग दी जाती है।

गौरतलब है कि ब्लैक कमांडो बिना हथियारों के भी दुश्मन को मार गिराने की ताकत रखते हैं। इसके लिए उन्हें मार्शल आर्ट की कलाएं भी सिखाई जाती हैं। दुश्मन के हाथों से चाकू छीनकर कैसे उन्हें मौत की नींद सुलाना है, यह सभी युद्ध कलाएं कमांडो को ताकतवर बनाती हैं।

Related News