मध्यप्रदेश विधानसभा सदन को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस से कांग्रेस पार्टी को कुछ दिन के लिए राहत तो मिली है हालांकि इससे मध्यप्रदेश का राजनीतिक संकट समाप्त नहीं हुआ है।

शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने 6 विधायक जो राज्य में मंत्री थे उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। शेष 16 बागी विधायक भी अध्यक्ष से इस्तीफा स्वीकार करने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद विधानसभा में मौजूदा संख्या 222 हो गई है क्योंकि दो सीटें विधायकों की मौत की वजह से पहले से ही खाली थीं।

कांग्रेस के16 विधायकों ने दोबारा अपने इस्तीफे भेजे हैं, उन पर अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति को ही फैसला लेना है।

शेष 16 विधायकों के इस्तीफे अगर स्वीकार कर लिए गए तो क्या होगा?

यदि कांग्रेस के बकाया 16 विधायकोंके इस्तीफे मंजूर कर लिए जाते हैं तो कांग्रेस में विधायकों की संख्या 92 रह जाएगी। 230 सदस्यों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 116 का है। विधानसभा के सदस्यों की संख्या 206 और बहुमत का आंकड़ा 104 पर आ जाएगा।

वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की संख्या 107 है। इसका सीधा अर्थ ये है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बन जाएगी।

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