आपको जानकारी के लिए बता दें कि इंडियन आर्मी में अब पुरानी पड़ चुकी बोफोर्स तोप की जगह धनुष और सारंग तोप को तैनात करने का काम शुरू हो चुका है। ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कानपुर में बनी यह दोनों तोपें जल्द ही इंडियन आर्मी के बेड़े में शामिल होंगी।

इस वर्ष फरवरी महीने में एक समारोह के दौरान औपचारिक ऐलान के साथ धनुष और सारंग तोपें भारतीय सेना में कमीशन की जाएंगी। भारतीय सेना की ये दोनों शक्तिशाली तोपें हर परीक्षण में पूरी तरह कामयाब रही हैं। आइए जानें, ताकतवर तोप धनुष की खासियत।

- दुनिया की सबसे मारक तोपों में से एक है धनुष। बोफोर्स तोप की तुलना में इसकी मारक क्षमता 18 किलोमीटर अधिक है।

- भारत ने अभी केवल 414 धनुष तोप बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। धनुष तोप कितनी कारगर है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 31 साल पुरानी बोफोर्स तोप की जगह धनुष को तैनात किया जा रहा है।

- सियाचिन और राजस्थान में तकरीबन 1,500 टेस्ट फायर करने के बाद ही धनुष को इंडियन आर्मी के बेड़े में शामिल किया गया।

- इंडियन आर्मी में शामिल किए जाने से पहले धनुष तोप से करीब 2,000 राउंड फायर किए गए।

- सारंग तोप इजराइली तोप साल्टम का आधुनिक संस्करण है।

- मार्च 2018 में हुए कई परीक्षणों में कई तोपों को पछाड़कर ओपेन बीड में सेना से ऑर्डर हासिल किया था।

- करीब 300 सारंग तोपों का निर्माण साल 2022 तक पूरा करके इन्हें सेना को सौंप दिया जाएगा।

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