देखने में ओलियंडर के फूल बहुत ही खूबसूरत होते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर ओलियंडर के फूल जितने उपयोगी होते हैं, उसके पत्ते भी उतने ही फायदेमंद साबित होते हैं। कनेर के पत्तों में कुछ एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं, जिनका इस्तेमाल आप अपनी कई समस्याओं से निजात पाने के लिए कर सकते हैं। कई तरह के दर्द और पुराने दाद या खुजली में आप ओलियंडर के पत्तों को पेस्ट के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एक घरेलू उपाय है जो आपको राहत देगा। आइए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।

दाद पर असरदार ओलियंडर की पत्तियां- आपकी जानकारी के लिए बता दे की, दाद से छुटकारा पाने के लिए आप कनेर के पत्तों को नारियल के तेल में पकाकर इस तेल का इस्तेमाल दाद पर कर सकते हैं। ओलियंडर में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल गुण दाद को खत्म कर देते हैं। जिसके अलावा इसमें पाया जाने वाला एंटी सेप्टिक गुण दाद के निशान को हल्का करता है।

जोड़ों के दर्द में कारगर - ओलियंडर के पत्तों का पेस्ट बनाने के लिए ताज़े ओलियंडर के पत्ते लें। - जिसके बाद इसे पीस लें और इसमें ऑलिव ऑयल डालकर हल्का गर्म करें. अब इस पेस्ट को दर्द वाली जगह पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। फिर ऐसे ही छोड़ दें। यह पेस्ट अंदर की हड्डियों को आराम देता है और जोड़ों की सूजन को कम करता है।

पुराने घाव भर दें- आपकी जानकारी के लिए बता दे की, यदि आपका कोई घाव बहुत पुराना हो गया है और ठीक नहीं हो रहा है तो उसके लिए कनेर के पत्तों को पीस लें। एलोवेरा जेल मिलाकर घाव पर लगाएं क्योंकि इस पेस्ट से आपका पुराना घाव जल्द ही ठीक होने लगेगा।

खुजली कम करें- ओलियंडर की पत्तियों में खुजली रोधी गुण होते हैं। जिसके लिए आप ओलियंडर के पत्तों को लौंग या पुदीने के तेल में पकाकर खुजली होने पर इस तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कीड़े के काटने पर- बता दे की, कनेर के पत्तों को नारियल के तेल में पकाने के बाद थोड़ी सी काली मिर्च को पीसकर उसमें मिला लें। जिसके बाद इस तेल को कीड़े के काटने वाली जगह पर लगाएं। इससे आपको आराम मिलेगा और रैशेज भी नहीं होंगे।

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