आज 5 अक्टूबर को देशभर में दशहरे का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है,हिंदू धर्म में दशहरे के त्योहार का विशेष महत्व है, ये त्योहार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है, दुर्गा पूजा के बाद दसवें दिन इस त्योहार को बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है, ये त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता हैं।

देश में हर त्योहार की कोई न कोई परंपरा रही है,ऐसे ही दशहरे पर पान खाने की परंपरा है, दशहरे के दिन पान खाना क्यों शुभ माना जाता है आइए यहां जानें,

1.पान के पत्तों में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो दांतों के दर्द से राहत दिलाते हैं और साथ ही ये कब्ज की समस्या को दूर करते हैं

2.पान के पत्तों में एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो सिरदर्द की समस्या से राहत दिलाते हैं और ये ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखते हैं।

3.पान के पत्तों में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो गठिया की समस्या से राहत दिलाते हैं और साथ ही ये माउथ फ्रेशनर के रूप में भी काम करते हैं।

ऐसा माना जाता है कि पान के पत्ते को सम्मान, प्रेम और जीत का प्रतीक माना जाता है, इसलिए रावण दहन के बाद पान खाया जाता है,ये सत्य की जीत की खुशी को व्यक्त करता हैं।

ऐसा माना जाता कि इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षक का वध किया था,इसलिए लोग पान खाकर खुशी मनाते हैं।

दशहरे के दिन भगवान हनुमान की पूजा भी की जाती है, ऐसा माना जाता है की इस दिन हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है,इससे भक्तों की सभी परेशानियां दूर होती हैं और भगवान बजरंगबली प्रसन्न होते हैं।

इस दिन रक्षा स्तोत्र और सुंदरकांड आदि का पाठ भी किया जाता है. ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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