जी हां, आपने अक्सर देखा होगा कि हम में से अधिकांश लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें हर मौसम में मोजे यानि जुराब पहनने की आदत होती है। कुछ लोगों को धूल से एलर्जी होती है, तो कई लोग बिना जुराबों के कफर्टेबल फील नहीं करते हैं। यदि आप में भी यही आदत है, तो इस आदत पर आपको ध्यान देने की जरूरत है।

पैरों की त्वचा हो सकती है खराब

बता दें कि कुछ लोग कॉटन के मोजे नहीं पहनते हैं। ऐसे में सस्ते मोजे पहनने से स्किन खराब हो सकती है। गर्मी के दिनों में लगातार मोजे पहने रहने से पैरों में पसीना निकलने लगता है। चूंकि जूते के अंदर तलवा बंद रहने से जो पसीना आता है, इससे नमी पैदा होती है। इतना ही नहीं इससे फंगल इंफेक्शन होने की समस्या बढ़ जाती है, जिससे पैरों की त्वचा खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए मोजे की क्वालिटी का भी विशेष ध्यान रखें।

ब्लड सर्कुलेशन पर पड़ता है असर ज्यादा


ज्यादा टाइट मोजे पहनने से पैरों में सूजन आने की समस्या हो सकती है। इस प्रकार पैरों में ब्लड सर्कुलेशन कम से शरीर में बेचैनी और अचानक गर्मी लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप सुबह से लेकर रात तक मोजे नहीं उतारते हैं तो पैरों में अकड़न हो सकती है। कई बार एड़ी और पंजे वाला हिस्सा सुन्न पड़ने लगता है।

एडीमा का खतरा

शरीर के किसी एक हिस्से में तरल पदार्थ का जमना और उस हिस्से में सूजन आना एडीमा का संकेत है। बता दें कि अक्सर एक ही मुद्रा में बैठे रहने या खड़े रहने से पैर सुन्न होने की शिकायत होती है। यदि ऐसा नहीं होने के बावजूद पैर सुन्न हो रहे हों तो यह मोजे की गड़बड़ी के संकेत हो सकते हैं।

फंगल इंफेक्शन का खतरा

चूंकि पैरों से निकलने वाले पसीने को मोजा ही सोखता है। ऐसे में देर तक मोजा पहने रहने से यह पसीना सूख नहीं पाता। ऐसे में नमी के कारण मोजे में बैक्टीरिया और विषाणु पैदा हो जाते हैं, जिससे फंगल इंफेक्शन हो सकता है।

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