इंटरनेट डेस्क। इन दिनों कैंसर की बीमारी बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है, ऐसा लग रहा है कि हर दूसरा इंसान इस बीमारी से लड़ रहा है। अभी हाल ही में बॉलीवुड के सेलिब्रिटीज इरफान खान और सोनाली बेंद्रे के कैंसर की खबरें सामने आई है।

लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड के सेलिब्रिटीज के कैंसर की खबर सुर्खियों में आई हो। इससे पहले भी बॉलीवुड के सेलिब्रिटीज इस बीमारी को लेकर चर्चा में आ चुके है।

आज हम आपको उन सेलिब्रिटीज के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने न केवल कैंसर की लड़ाई लड़ी बल्कि कैंसर को मात भी दी है।

1. मुमताज

बॉलीवुड की सबसे सुंदर अभिनेत्री मुमताज जो आज हमारे बीच अब नहीं है ने भी कैंसर की लड़ाई लड़ी थी। अभिनेत्री को मात्र 26 की उम्र में ही कैंसर के बारे में पता चला था, उन्हें स्तन कैंसर से हो गया था जिसके बाद उन्होंने अभिनय छोड़ दिया। अभिनेत्री ने कैंसर से लड़ाई लड़ी और कई किमो थैरपी से गुजरी थी। आपकी जानकारी के लिए बात दे कि मुमताज कैंसर सरवाईवल पर बनी 1 मिनट की यूनिग्लोब नाम डॉक्यूमेंट्री का भी हिस्सा रहीं।

2. अनुराग बसु

निर्देशक अनुराग बसु प्रसिद्ध रूप से प्रशंसित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। बहुत से लोग नहीं जानते कि 2004 में अनुराग को रक्त कैंसर हुआ था। उनके बचने की सम्भावना 50 प्रतिशत थी लेकिन उन्होंने हार नहीं और इस दौरान उन्होंने 'लाइफ इन ए मेट्रो' और 'गैंगस्टर' की स्क्रिप्ट लिखी।

3. लिसा रे

अभिनेत्री को मल्टिपल मायलोमा कैंसर था जो बोन मेरो में होता है। एक साल तक वो इस बीमारी से लड़ती रही और 2010 में लीज़ा रे ने खुद इस बात की घोषणा की वह सेल प्रत्यारोपण का इलाज़ करवा रहीं हैं। कैंसर से लडऩे और जीतने के बाद अभिनेत्री कैंसर की रोकथाम में लोगों की मदद करती हैं।

4. मनीषा कोइराला

अभिनेत्री मनीषा कोइराला को 2012 में डिम्बग्रंथि यानि ओवेरियन कैंसर के बारे में पता चला। इसके लिए उनको सर्जरी करनी पड़ी थी। वह कैंसर की एम्बेसडर हैं और लोगों तक इस ख़तरनाक बीमारी के बारे में बताती है। वह सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ी और कीमोथेरेपी चलने पर भी काम किया।

5. युवराज सिंह

युवराज को 2012 में फेफड़ों के कैंसर स्टेज 1 सेमिनोमा (एक दुर्लभ ट्यूमर) के बारे में पता चला था। इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया था कि जब वो 2011 में विश्व कप खेल रहे थे तो उनको सांस लेने में कठिनाई होती थी और उसके बाद ही उन्हें इसके बारे में पता चला था। संयुक्त राज्य अमेरिका में तीन बार कीमोथेरेपी करायी थी। इसके साथ ही भारत में आयुर्वेदिक उपचार भी करवाया था। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि युवराज ने कैंसर रोगी होने के अनुभवों को ‘ द टेस्ट ऑफ़ माय लाइफ ‘ किताब में लिखा है। कैंसर से लडऩे के बाद उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ ट्वेंटी -20 मैच खेलकर क्रिकेट में वापसी की।

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