Weather Update- राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, बारिश होने से मिलेगी राहत
दोस्तो राजस्थान में कुछ दिनों से मानसून सुस्त हो गया था, जिसकी वजह से गर्मी, उमस ज्यादा बढ़ गई हैं, लेकिन खुशखबरी ये हैं कि राजस्थान में आने वाले दिनों में मौसम में धीरे-धीरे बदलाव की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में थोड़ी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है, राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की उम्मीद है। आइए जानते हैं मौसम का क्या हैं हाल

मानसून की गतिविधियों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी
पिछले कुछ दिनों में राजस्थान में मानसून की गतिविधियाँ कमजोर पड़ गई थीं। हालाँकि, मौसम प्रणालियों में बदलाव से बारिश के धीरे-धीरे फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
16 जुलाई से कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी शुरू हो सकती है।
अगले 6-7 दिनों तक ज़्यादातर ज़िलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
इस दौरान जयपुर, भरतपुर और बीकानेर डिवीजनों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
आज इन ज़िलों में बारिश की संभावना
जयपुर मौसम केंद्र ने 16 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान लगाया है।
इन जगहों पर बारिश की संभावना है:
उदयपुर डिवीजन
जोधपुर डिवीजन
श्री गंगानगर
हनुमानगढ़
चूरू
सीकर
झुंझुनू
अलवर
भरतपुर
हालांकि कहीं-कहीं बारिश की उम्मीद है, लेकिन अभी व्यापक भारी बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
मौसम क्यों बदल रहा है?
कई मौसम प्रणालियाँ राजस्थान के मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रही हैं।
समुद्र तल से 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक ऊपरी-हवा चक्रवाती परिसंचरण (upper-air cyclonic circulation) सक्रिय है।
19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने की उम्मीद है।
20 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी से नमी बढ़ने की भी संभावना है, जिससे राज्य में मानसून के फिर से सक्रिय होने में मदद मिलेगी।

मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) अभी सक्रिय है
सक्रिय मानसून ट्रफ जम्मू से देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना और बांकुरा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का कारण बन रहा है।
फिलहाल राजस्थान पर इसका असर सीमित है, लेकिन अगर यह सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ता है तो असर बढ़ सकता है। 20 जुलाई के बाद मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
