Amarnath Yatra 2026: भारी बारिश के अलर्ट के बीच यात्रा रोकी गई, 10 से 12 अगस्त तक मौसम रहेगा खराब
Amarnath Yatra Weather Update: जम्मू-कश्मीर में मौसम एक बार फिर तीर्थयात्रियों और प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 10 से 12 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश तेज होने की संभावना जताई है। विशेष रूप से जम्मू क्षेत्र, पीर पंजाल और दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम के इस पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है और जम्मू से किसी नए जत्थे को कश्मीर घाटी की ओर रवाना नहीं किया गया।
पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, पत्थर गिरने और अचानक पानी बढ़ने जैसी स्थितियों का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन फिलहाल मौसम और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
जम्मू से नहीं रवाना हुआ नया जत्था
खराब मौसम की आशंका के कारण जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से अमरनाथ यात्रियों के किसी नए जत्थे को घाटी की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन का कहना है कि यात्रा दोबारा शुरू करने का निर्णय मौसम की स्थिति और सड़क मार्ग की सुरक्षा का आकलन करने के बाद लिया जाएगा।
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे अमरनाथ यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के बेस कैंप तक पहुंचते हैं। तेज बारिश होने की स्थिति में इस मार्ग पर भूस्खलन, पत्थर गिरने या मलबा आने की घटनाएं यातायात बाधित कर सकती हैं।
इसी वजह से प्रशासन यात्रा को आगे बढ़ाने से पहले हाईवे की स्थिति की पूरी समीक्षा कर रहा है।
10 से 12 अगस्त के बीच बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 10 अगस्त के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। एक नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
दक्षिण कश्मीर, पीर पंजाल और जम्मू संभाग के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि कुछ संवेदनशील इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है।
उत्तर और मध्य कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने फिलहाल पूरे जम्मू-कश्मीर में अत्यधिक भारी बारिश की व्यापक संभावना नहीं जताई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज बारिश परेशानी बढ़ा सकती है।
इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत बताई है। जम्मू संभाग के कठुआ और रामबन समेत पीर पंजाल क्षेत्र में बारिश अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है।
दक्षिण कश्मीर में शोपियां, अनंतनाग और पुलवामा जैसे जिलों के कुछ स्थानों पर भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक पानी भरने, छोटी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने तथा फ्लैश फ्लड जैसी परिस्थितियां बनने का खतरा रह सकता है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
10 से 12 अगस्त के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार या तेज बारिश से कमजोर ढलानों पर भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
इसके अलावा पहाड़ों से पत्थर गिरने और सड़क पर मलबा जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। इसका असर खास तौर पर जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और पहाड़ी सड़कों पर देखने को मिल सकता है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि किसी भी संवेदनशील मार्ग पर जाने से पहले यातायात विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी अपडेट जरूर जांच लें।
अमरनाथ यात्रा के मार्ग की क्या है स्थिति?
फिलहाल दक्षिण कश्मीर के नुनवान-पहलगाम मार्ग से यात्रा को लेकर प्रतिबंध बना हुआ है क्योंकि इस ट्रैक पर मरम्मत का काम जारी है।
ऐसी स्थिति में श्रद्धालु उत्तर कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित बालटाल बेस कैंप वाले मार्ग से यात्रा कर रहे थे। हालांकि मौसम बिगड़ने की आशंका को देखते हुए जम्मू से नए यात्रियों को आगे जाने की अनुमति फिलहाल रोक दी गई है।
मौसम सामान्य होने और रास्तों को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही आगे की यात्रा को लेकर फैसला लिया जाएगा।
लाखों श्रद्धालु कर चुके हैं बाबा बर्फानी के दर्शन
अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी। अब तक 4.7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
हाल ही में जम्मू से 1,801 यात्रियों का एक जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ था। इस जत्थे में पुरुषों और महिलाओं के साथ साधु-साध्वियां भी शामिल थीं।
वार्षिक अमरनाथ यात्रा इस बार 57 दिनों तक चलनी है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर प्रस्तावित है।
यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के साथ आम पर्यटकों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही पहाड़ी इलाकों की ओर जाने की सलाह दी है। खासकर 10 से 12 अगस्त के बीच संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर हो सकता है।
बारिश के दौरान नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास जाने से बचना चाहिए। इसके साथ ही यात्रा से पहले सड़क की स्थिति और ट्रैफिक एडवाइजरी की जांच जरूर करनी चाहिए।
फिलहाल अमरनाथ यात्रा मौसम की वजह से अस्थायी रूप से प्रभावित है। प्रशासन का अगला फैसला बारिश, सड़क की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जाएगा। तीर्थयात्रियों को सलाह है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और यात्रा बहाल होने की घोषणा के बाद ही आगे की योजना बनाएं।
