WhatsApp Update- व्हाट्सएप 1 जनवरी से हो जाएंगे बदलाव, जानिए इनके बारे में
दोस्तो आज के आधुनिक युग में व्हाट्सएप दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंगी ऐप हैं, जिसके पूरी दुनिया में 3 बिलियन से भी ज्यादा यूजर्स हैं, लोग इसका इस्तेमाल परिवार से बातचीत करने, ऑफ़िस के काम और ज़रूरी जानकारी साझा करने के लिए करते हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा 'सिम-बाइंडिंग' (SIM-binding) के नए नियमों पर विचार किया जा रहा है। अगर ये नियम लागू होते हैं, तो व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने के तरीक़े में बदलाव आ सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में

व्हाट्सएप सिम-बाइंडिंग नियम से जुड़ी मुख्य बातें
- प्रस्तावित लागू होने की तारीख: नई नियमावली से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, यह 1 जनवरी हो सकती है।
- सिम-बाइंडिंग: मैसेजिंग अकाउंट से जुड़ा मोबाइल नंबर, डिवाइस में मौजूद एक सक्रिय (active) सिम कार्ड से जुड़ा होना ज़रूरी हो सकता है।
- साइबर सुरक्षा पर ज़ोर: इसका उद्देश्य स्कैमर्स के लिए मोबाइल नंबर और मैसेजिंग अकाउंट का ग़लत इस्तेमाल करना मुश्किल बनाना है।
- एक से ज़्यादा डिवाइस: जो यूज़र्स अपना सिम किसी दूसरे फ़ोन में रखते हैं, लेकिन व्हाट्सएप किसी और स्मार्टफ़ोन पर इस्तेमाल करते हैं, उन पर इसका असर पड़ सकता है।
- निष्क्रिय (inactive) नंबर: पुराने या बंद हो चुके नंबरों से जुड़े अकाउंट्स के मामले में वेरिफिकेशन या एक्सेस करने में समस्या आ सकती है।
सिम-बाइंडिंग क्या है?
सिम-बाइंडिंग एक सुरक्षा तकनीक है, जो किसी एप्लिकेशन को उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जुड़े सिम कार्ड से जोड़ देती है। बैंकिंग और UPI ऐप्स में कुछ कामों के लिए पहले से ही सिम-आधारित वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है।
व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स को अकाउंट से जुड़े सिम के वेरिफिकेशन के लिए ज़्यादा कड़े नियमों का पालन करना पड़ सकता है। इसका मतलब यह हो सकता है कि अगर डिवाइस से सिम कार्ड निकाल दिया जाए, तो उस अकाउंट का इस्तेमाल करना मुश्किल या असंभव हो सकता है।
इन नियमों पर विचार क्यों किया जा रहा है?
साइबर अपराधी कभी-कभी फ़र्ज़ी या ग़लत तरीक़े से हासिल किए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल करके मैसेजिंग अकाउंट बनाते हैं, ताकि वे पकड़े न जाएँ। ऐसे अकाउंट्स का इस्तेमाल फ़र्ज़ी कस्टमर-केयर कॉल, किसी और का रूप धरने (impersonation), निवेश से जुड़े स्कैम और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे धोखाधड़ी के मामलों में किया जा सकता है।

व्हाट्सएप यूज़र्स को क्या करना चाहिए?
- अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को सक्रिय (active) रखें।
- यह सुनिश्चित करें कि आपके व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़ा सिम कार्ड आपके पास मौजूद है और आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
- अगर आपने अपना नंबर बदल लिया है, तो व्हाट्सएप के 'सेटिंग्स > अकाउंट > नंबर बदलें' (Settings > Account > Change Number) फीचर का इस्तेमाल करें।
- कभी भी किसी के साथ वेरिफिकेशन कोड या OTP शेयर न करें।
- यह मान लेने से पहले कि आपका मौजूदा सेटअप काम करना बंद कर देगा, DoT और व्हाट्सएप की आधिकारिक घोषणाओं पर ध्यान दें।
