WhatsApp बन सकता है AI Hub: एक ही ऐप में जोड़ सकेंगे कई AI Bots, अलग-अलग चैट में कर पाएंगे इस्तेमाल

 
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WhatsApp का इस्तेमाल आने वाले समय में केवल दोस्तों और परिवार से चैट करने तक सीमित नहीं रह सकता। ऐप में एक ऐसी सुविधा की टेस्टिंग के संकेत मिले हैं, जो यूजर्स को अलग-अलग बाहरी AI सेवाओं को सीधे WhatsApp से जोड़ने का विकल्प दे सकती है। अगर यह फीचर आम यूजर्स के लिए जारी होता है तो किसी AI टूल से बातचीत करने के लिए बार-बार अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत कम हो सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म के भीतर third-party AI agents को कनेक्ट करने की व्यवस्था पर काम कर रहा है। इन AI एजेंट्स को सामान्य WhatsApp चैट की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा और प्रत्येक एजेंट के लिए अलग conversation दिखाई दे सकती है।

हालांकि यह सुविधा अभी विकास और परीक्षण के चरण में बताई जा रही है। इसलिए इसे WhatsApp का उपलब्ध फीचर समझना सही नहीं होगा।

WhatsApp के अंदर ही मिल सकती है बाहरी AI सर्विस

अभी अलग-अलग AI सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को संबंधित वेबसाइट या ऐप पर जाना पड़ता है। WhatsApp का संभावित नया सिस्टम इस प्रक्रिया को बदल सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, compatible third-party AI agents को WhatsApp अकाउंट से जोड़ा जा सकेगा। कनेक्शन पूरा होने के बाद यूजर उसी मैसेजिंग इंटरफेस के भीतर AI से सवाल पूछ सकेगा या उससे बातचीत कर सकेगा।

इस तरह WhatsApp एक ऐसी जगह बन सकता है जहां व्यक्तिगत चैट और ग्रुप के अलावा चुनिंदा AI सेवाओं के लिए भी अलग conversations मौजूद हों।

Settings में मिल सकता है AI Agents को संभालने का विकल्प

फीचर ट्रैकिंग रिपोर्ट में Android के WhatsApp Beta वर्जन 2.26.35.3 में इस नई व्यवस्था से जुड़े संकेत मिलने की बात कही गई है। संभावित फीचर के तहत Settings में 'Agents' नाम का एक नया सेक्शन जोड़ा जा सकता है।

यह सेक्शन AI कनेक्शन के लिए एक तरह के कंट्रोल सेंटर की तरह काम कर सकता है। यहां से compatible AI services को जोड़ने और पहले से कनेक्ट एजेंट्स को मैनेज करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में एजेंट का नाम और प्रोफाइल फोटो सेट करने के विकल्प का भी जिक्र है। इससे कई AI bots जुड़े होने पर उनकी पहचान करना आसान हो सकता है।

एक WhatsApp अकाउंट में कितने AI Bots जुड़ सकेंगे?

इस संभावित फीचर का एक दिलचस्प पहलू एक से ज्यादा AI एजेंट इस्तेमाल करने की सुविधा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक WhatsApp अकाउंट के साथ अधिकतम पांच AI agents जोड़ने का विकल्प दिया जा सकता है। इससे यूजर अलग-अलग काम के लिए अलग AI सेवा चुन सकेगा।

उदाहरण के तौर पर भविष्य में compatible सेवाएं उपलब्ध होने पर कोई यूजर एक एजेंट को सामान्य जानकारी के लिए और दूसरे को किसी अलग जरूरत के लिए इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि कौन-कौन सी third-party AI services इस व्यवस्था को सपोर्ट करेंगी, इसकी अंतिम सूची अभी सामने नहीं आई है।

API Key के जरिए बन सकता है कनेक्शन

WhatsApp और बाहरी AI सेवा को जोड़ने की प्रक्रिया में API Key की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, यूजर जब किसी एजेंट को WhatsApp में configure करेगा तो एक API Key बनाई जा सकती है। इस key को उस बाहरी service में दर्ज करना होगा जहां संबंधित AI agent host किया गया है।

इस प्रक्रिया के जरिए बाहरी AI service और WhatsApp के बीच connection स्थापित किया जा सकेगा। यानी केवल एजेंट का नाम जोड़ने से प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, बल्कि संबंधित सेवा के साथ तकनीकी configuration भी जरूरी हो सकता है।

हर AI Agent को मिल सकती है अपनी अलग Conversation

अगर किसी यूजर ने एक से ज्यादा AI agents जोड़े हैं तो उन्हें एक ही चैट में मिलाने के बजाय अलग-अलग conversations के रूप में दिखाया जा सकता है।

इससे WhatsApp के सामान्य chat interface में ही अलग AI agent चुनना और उसके साथ बातचीत जारी रखना आसान हो सकता है।

यह व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो पहले से कई AI tools इस्तेमाल करते हैं और हर सेवा के लिए अलग ऐप या वेबसाइट खोलना नहीं चाहते।

Personal WhatsApp Chats तक पहुंच पर क्या जानकारी है?

AI integration के साथ privacy एक महत्वपूर्ण सवाल बनता है। उपलब्ध रिपोर्ट में इस संबंध में भी एक महत्वपूर्ण दावा किया गया है।

इसके मुताबिक, कनेक्ट किए गए AI agent को यूजर की दूसरी WhatsApp conversations, contacts या media files तक पहुंच नहीं मिलेगी।

अगर फीचर अंतिम रिलीज में इसी व्यवस्था के साथ आता है, तो AI agent की activity को उसकी अपनी conversation तक सीमित रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि फीचर अभी परीक्षण में है, इसलिए अंतिम privacy controls और permissions आधिकारिक rollout के समय अलग भी हो सकते हैं।

AI Agent हटाने का भी मिल सकता है कंट्रोल

किसी AI service को जोड़ने के बाद यूजर उसे हमेशा के लिए अकाउंट में रखने के लिए बाध्य नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार Settings से connected agents को manage करने का विकल्प मिल सकता है।

यूजर एजेंट का नाम या profile picture बदलने के साथ उसे WhatsApp से disconnect भी कर सकेगा।

किसी एजेंट को हटाने पर उस AI service का WhatsApp के साथ active connection समाप्त हो सकता है। हालांकि पहले हुई conversation की history ऐप में बनी रहने की संभावना बताई गई है। बाद में जरूरत पड़ने पर नई API Key के जरिए उस service को फिर से connect किया जा सकता है।

क्या सभी WhatsApp यूजर्स को अभी मिलेगा यह फीचर?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे अभी आम यूजर्स के लिए जारी फीचर नहीं माना जाना चाहिए।

इसकी जानकारी WhatsApp Beta से जुड़े संकेतों और फीचर ट्रैकिंग रिपोर्ट के आधार पर सामने आई है। कंपनी की तरफ से इसके व्यापक rollout की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

टेस्टिंग के दौरान किसी फीचर का डिजाइन, लिमिट या काम करने का तरीका बदल भी सकता है। कई बार परीक्षण में दिखाई देने वाली सुविधाएं अंतिम stable version तक पहुंचने में काफी समय लेती हैं।

WhatsApp के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है AI Integration

अगर third-party AI agents वाला यह फीचर भविष्य में बड़े स्तर पर लॉन्च होता है तो WhatsApp के उपयोग का दायरा बढ़ सकता है। यूजर्स एक ही ऐप में अपनी सामान्य conversations के साथ अलग-अलग AI services तक पहुंच बना सकेंगे।

एक अकाउंट में कई AI agents, प्रत्येक के लिए अलग chat, API Key आधारित connection और Settings से उन्हें manage करने जैसी संभावित सुविधाएं WhatsApp को एक व्यापक AI communication platform की दिशा में ले जा सकती हैं।

फिलहाल यूजर्स को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। जब तक WhatsApp इस फीचर की उपलब्धता और rollout से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करता, तब तक सामने आए विवरण को परीक्षणाधीन फीचर से जुड़ी जानकारी के रूप में ही देखना बेहतर होगा।

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