ज्यादा रिटर्न का झांसा पड़ा भारी: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 1.10 करोड़ की साइबर ठगी, ऐसे फंसाया गया जाल में

 
ज्यादा रिटर्न का झांसा पड़ा भारी: रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 1.10 करोड़ की साइबर ठगी, ऐसे फंसाया गया जाल में

साइबर ठगी का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी ने अपनी पूरी जीवनभर की जमा पूंजी ऑनलाइन ठगों के हाथों गंवा दी। यह घटना दिखाती है कि वित्तीय अनुभव रखने वाले लोग भी सुनियोजित डिजिटल फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं, जब ठग धीरे-धीरे भरोसा जीतने में सफल हो जाते हैं।

मामले के अनुसार, पीड़ित को निवेश पर 30 से 40 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में उन्हें यह प्रस्ताव संदिग्ध लगा, लेकिन लगातार संपर्क और पेशेवर तरीके से की गई बातचीत ने उन्हें भरोसा करने पर मजबूर कर दिया।

कैसे शुरू हुआ ठगी का खेल

नवंबर की शुरुआत में पीड़ित को एक मैसेज मिला, जिसमें आकर्षक निवेश योजना की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कई लोग लगातार अपने कथित मुनाफे की जानकारी साझा कर रहे थे। इससे यह आभास हुआ कि योजना पूरी तरह वैध है।

ठगों ने इसके बाद एक फर्जी मोबाइल एप के जरिए निवेश का पूरा सिस्टम दिखाया, जिसमें बढ़ता हुआ मुनाफा नजर आता था। यही एप पीड़ित को लगातार पैसे लगाने के लिए प्रेरित करता रहा।

छोटी रकम से शुरुआत, करोड़ों का नुकसान

शुरुआत में केवल कुछ हजार रुपये निवेश करने को कहा गया। एप पर दिख रहे फर्जी रिटर्न देखकर पीड़ित का भरोसा और गहरा हो गया। इसके बाद उनसे बार-बार बड़ी रकम डालने को कहा गया।

धीरे-धीरे पूरी रिटायरमेंट पूंजी इस फर्जी निवेश में चली गई। कुल मिलाकर पीड़ित को करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

सच सामने कैसे आया

जब ठगों ने और अधिक रकम की मांग शुरू की, तब पीड़ित को शक हुआ। पहली बार उन्होंने इस बारे में अपने परिवार को जानकारी दी। परिवार ने तुरंत इसे साइबर ठगी बताया और शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।

इसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम सेल से संपर्क कर मामला दर्ज कराया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ठगों की डिजिटल गतिविधियों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

आम लोगों के लिए चेतावनी

पीड़ित ने लोगों से अपील की कि किसी भी ऐसे निवेश से बचें, जिसमें असामान्य और गारंटीड मुनाफे का दावा किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्तीय मामलों में परिवार से जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है।

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ठग अब रिटायर्ड लोगों और बचत रखने वालों को विशेष रूप से निशाना बना रहे हैं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से नुकसान कम किया जा सकता है और दूसरों को भी बचाया जा सकता है।

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