UPI पर MDR को लेकर सरकार ने दी बड़ी सफाई, जानिए ₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर किसे देना होगा चार्ज
UPI MDR Latest Update: ₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर संभावित Merchant Discount Rate (MDR) लागू होने की चर्चा के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि यदि भविष्य में MDR लागू किया जाता है, तो इसका भार आम UPI यूजर्स पर नहीं, बल्कि मर्चेंट (व्यापारी) पर होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोगों के लिए UPI ट्रांजैक्शन को चार्जेबल बनाने का कोई फैसला नहीं किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में संसद में Payment and Settlement Systems (PSS) Act से जुड़े संशोधन को लेकर चर्चा शुरू हुई। इसके बाद यह आशंका जताई जाने लगी कि ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर ग्राहकों से शुल्क लिया जा सकता है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई, जिसके बाद सरकार ने आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट की।
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रस्तावित Merchant Discount Rate (MDR) का संबंध व्यापारियों और पेमेंट इकोसिस्टम से है, न कि आम UPI उपयोगकर्ताओं से।
उनके अनुसार, यदि MDR लागू होता है तो उसका उद्देश्य बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और फिनटेक कंपनियों को डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और नवाचार में निवेश करने में मदद करना होगा। आम ग्राहकों से सीधे कोई शुल्क लेने की बात नहीं कही गई है।
MDR क्या होता है?
Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर व्यापारी बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देता है।
अभी तक UPI भुगतान पर Zero MDR नीति लागू रही है। प्रस्तावित बदलाव केवल सरकार को भविष्य में जरूरत पड़ने पर MDR लागू करने का कानूनी अधिकार देता है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी UPI ट्रांजैक्शन पर तुरंत शुल्क लग जाएगा।
₹2,000 से ऊपर के ट्रांजैक्शन पर क्या होगा?
सरकार ने अभी किसी अंतिम शुल्क दर की घोषणा नहीं की है। हालांकि, चर्चा में यह प्रस्ताव सामने आया है कि यदि MDR लागू किया जाता है, तो यह मुख्य रूप से ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) ट्रांजैक्शन पर लागू हो सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शुल्क भी आमतौर पर व्यापारी द्वारा वहन किया जाएगा, न कि ग्राहक द्वारा। अंतिम नियम सरकार की अधिसूचना के बाद ही तय होंगे।
क्या ग्राहकों को UPI इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने होंगे?
फिलहाल इसका जवाब नहीं है।
सरकार की ओर से दी गई ताजा सफाई के अनुसार—
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आम UPI यूजर्स से सीधे MDR लेने का कोई निर्णय नहीं हुआ है।
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यदि भविष्य में MDR लागू होता है, तो उसका दायरा मर्चेंट ट्रांजैक्शन तक सीमित हो सकता है।
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अंतिम नियम और शुल्क संरचना पर अभी फैसला होना बाकी है।
आगे क्या होगा?
संसद में पारित संशोधन सरकार को भविष्य में MDR लागू करने का कानूनी विकल्प देता है, लेकिन इसकी दर, किन लेनदेन पर लागू होगी और किन व्यापारियों पर लागू होगी, इसका अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
इसलिए फिलहाल UPI उपयोगकर्ताओं के लिए पहले जैसी सुविधा जारी है और किसी नए शुल्क की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सरकारी बयानों और सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। UPI पर MDR से जुड़े अंतिम नियम केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के बाद ही लागू होंगे।
