Smartphone Tips- क्या फोन में पानी गया, तो भूलकर भी न करें ये काम

 
Smartphone Tips- क्या फोन में पानी गया, तो भूलकर भी न करें ये काम दोस्तो स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं, जिनके बिना हम एक मिनट भी नहीं रह सकते हैं, बैंकिंग और पेमेंट से लेकर फ़ोटो, काम के डॉक्यूमेंट और बातचीत तक, लोग अपने फ़ोन पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं, ऐसे फोन का पानी में गिरना एक आम बात हैं, जो परेशानी का सबब हैं, ऐसे में बात करें स्टडी की तो जिन लोगों का फोन पानी में गिर जाता हैं वो एक ही तरह की गलती करते हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में  भारतीय स्मार्टफोन के साथ होने वाली दुर्घटनाओं और नुकसान से कैसे निपटते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें भारत में स्मार्टफोन के इस्तेमाल, गलती से होने वाले नुकसान, मरम्मत की आदतों और प्रोटेक्शन-प्लान लेने के चलन की जांच की गई है। 82% भारतीयों से उनका स्मार्टफोन गिरा है स्टडी के अनुसार, 82% लोगों से उनका स्मार्टफोन कम से कम एक बार गिरा है, जबकि 72% लोगों ने अपने डिवाइस को गलती से हुए किसी न किसी तरह के नुकसान का अनुभव किया है। जेब या बैग से फ़ोन का फिसलकर गिरना एक मुख्य कारण बनकर उभरा है, जो गलती से होने वाले नुकसान की 36% घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार है। फ़ोन खराब होने या नुकसान पहुँचने पर लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया भी काफ़ी हो सकती है: 35% लोगों ने कहा कि फ़ोन गिरने के बाद वे तुरंत घबरा गए। 24% ने कहा कि इस घटना के कारण बहस या झगड़ा हुआ। 15% ने बताया कि स्मार्टफोन खराब होने की वजह से उन्हें अपने प्लान रद्द करने पड़े। 29% ने पानी से खराब हुए फ़ोन के लिए 'राइस हैक' (चावल का उपाय) आज़माया  जब फ़ोन गलती से पानी के संपर्क में आता है, तो कई यूज़र प्रोफेशनल मदद लेने से पहले घरेलू उपाय आज़माते हैं। स्टडी में पाया गया कि 29% भारतीयों ने पानी से खराब हुए स्मार्टफोन को ठीक करने की कोशिश में चावल का इस्तेमाल किया है। दूसरे जुगाड़ वाले उपाय भी आम हैं; लगभग 20% से 32% कंज्यूमर खराब फ़ोन से निपटने के लिए टेप या इसी तरह के अस्थायी तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। हालाँकि, ऐसे तुरंत किए जाने वाले उपाय ज़रूरी नहीं कि असल समस्या को हल कर पाएँ, खासकर तब जब नमी के कारण अंदरूनी पार्ट्स पर असर पड़ा हो। स्मार्टफोन प्रोटेक्शन प्लान लेने का चलन अभी भी कम है गलती से होने वाले नुकसान की ज़्यादा घटनाओं के बावजूद, स्मार्टफोन प्रोटेक्शन प्लान लेने का चलन अपेक्षाकृत कम है। रिपोर्ट के अनुसार: 36% लोगों ने कभी न कभी स्मार्टफोन प्रोटेक्शन प्लान खरीदा है। अभी सिर्फ़ 6% से 8% लोगों के पास एक्टिव प्रोटेक्शन प्लान है। ज़्यादा कीमत उन कारणों में से एक है जिनकी वजह से लोग ऐसे प्लान लेने से बचते हैं। फ़ायदों के बारे में जानकारी न होना भी इसे अपनाने पर असर डालता है। कुछ कंज्यूमर क्लेम प्रोसेस को लेकर भी चिंतित रहते हैं। पुराने स्मार्टफ़ोन के लिए सुरक्षा को लेकर बढ़ती दिलचस्पी यह स्टडी पुराने (पहले से इस्तेमाल किए गए) स्मार्टफ़ोन के प्रति लोगों की बदलती सोच को भी दिखाती है। लगभग 70% ग्राहकों का मानना है कि नए डिवाइस की तुलना में पुराने स्मार्टफ़ोन के लिए सुरक्षा प्लान ज़्यादा ज़रूरी हैं। वहीं, लगभग 30% लोगों ने कहा कि अगर वारंटी या सुरक्षा प्लान के साथ पुराना स्मार्टफ़ोन मिले, तो वे उसे खरीदने पर विचार कर सकते हैं। रिपोर्ट में मेट्रो और नॉन-मेट्रो बाज़ारों के बीच भी अंतर पाया गया। नॉन-मेट्रो इलाकों में लगभग 54% ग्राहकों ने पुराने स्मार्टफ़ोन खरीदे थे, जबकि मेट्रो इलाकों में यह आंकड़ा 30% था।

दोस्तो स्मार्टफोन हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं, जिनके बिना हम एक मिनट भी नहीं रह सकते हैं, बैंकिंग और पेमेंट से लेकर फ़ोटो, काम के डॉक्यूमेंट और बातचीत तक, लोग अपने फ़ोन पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं, ऐसे फोन का पानी में गिरना एक आम बात हैं, जो परेशानी का सबब हैं, ऐसे में बात करें स्टडी की तो जिन लोगों का फोन पानी में गिर जाता हैं वो एक ही तरह की गलती करते हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में

Smartphone Tips: If water gets into your phone, avoid doing these things at all costs.

भारतीय स्मार्टफोन के साथ होने वाली दुर्घटनाओं और नुकसान से कैसे निपटते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें भारत में स्मार्टफोन के इस्तेमाल, गलती से होने वाले नुकसान, मरम्मत की आदतों और प्रोटेक्शन-प्लान लेने के चलन की जांच की गई है।

82% भारतीयों से उनका स्मार्टफोन गिरा है

स्टडी के अनुसार, 82% लोगों से उनका स्मार्टफोन कम से कम एक बार गिरा है, जबकि 72% लोगों ने अपने डिवाइस को गलती से हुए किसी न किसी तरह के नुकसान का अनुभव किया है।

जेब या बैग से फ़ोन का फिसलकर गिरना एक मुख्य कारण बनकर उभरा है, जो गलती से होने वाले नुकसान की 36% घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार है।

फ़ोन खराब होने या नुकसान पहुँचने पर लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया भी काफ़ी हो सकती है:

35% लोगों ने कहा कि फ़ोन गिरने के बाद वे तुरंत घबरा गए।

24% ने कहा कि इस घटना के कारण बहस या झगड़ा हुआ।

15% ने बताया कि स्मार्टफोन खराब होने की वजह से उन्हें अपने प्लान रद्द करने पड़े।

29% ने पानी से खराब हुए फ़ोन के लिए 'राइस हैक' (चावल का उपाय) आज़माया

Smartphone Tips: If water gets into your phone, avoid doing these things at all costs.

जब फ़ोन गलती से पानी के संपर्क में आता है, तो कई यूज़र प्रोफेशनल मदद लेने से पहले घरेलू उपाय आज़माते हैं।

स्टडी में पाया गया कि 29% भारतीयों ने पानी से खराब हुए स्मार्टफोन को ठीक करने की कोशिश में चावल का इस्तेमाल किया है। दूसरे जुगाड़ वाले उपाय भी आम हैं; लगभग 20% से 32% कंज्यूमर खराब फ़ोन से निपटने के लिए टेप या इसी तरह के अस्थायी तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

हालाँकि, ऐसे तुरंत किए जाने वाले उपाय ज़रूरी नहीं कि असल समस्या को हल कर पाएँ, खासकर तब जब नमी के कारण अंदरूनी पार्ट्स पर असर पड़ा हो।

स्मार्टफोन प्रोटेक्शन प्लान लेने का चलन अभी भी कम है

गलती से होने वाले नुकसान की ज़्यादा घटनाओं के बावजूद, स्मार्टफोन प्रोटेक्शन प्लान लेने का चलन अपेक्षाकृत कम है।

रिपोर्ट के अनुसार:

36% लोगों ने कभी न कभी स्मार्टफोन प्रोटेक्शन प्लान खरीदा है।

अभी सिर्फ़ 6% से 8% लोगों के पास एक्टिव प्रोटेक्शन प्लान है।

ज़्यादा कीमत उन कारणों में से एक है जिनकी वजह से लोग ऐसे प्लान लेने से बचते हैं।

फ़ायदों के बारे में जानकारी न होना भी इसे अपनाने पर असर डालता है।

कुछ कंज्यूमर क्लेम प्रोसेस को लेकर भी चिंतित रहते हैं। पुराने स्मार्टफ़ोन के लिए सुरक्षा को लेकर बढ़ती दिलचस्पी

यह स्टडी पुराने (पहले से इस्तेमाल किए गए) स्मार्टफ़ोन के प्रति लोगों की बदलती सोच को भी दिखाती है।

लगभग 70% ग्राहकों का मानना ​​है कि नए डिवाइस की तुलना में पुराने स्मार्टफ़ोन के लिए सुरक्षा प्लान ज़्यादा ज़रूरी हैं। वहीं, लगभग 30% लोगों ने कहा कि अगर वारंटी या सुरक्षा प्लान के साथ पुराना स्मार्टफ़ोन मिले, तो वे उसे खरीदने पर विचार कर सकते हैं।

रिपोर्ट में मेट्रो और नॉन-मेट्रो बाज़ारों के बीच भी अंतर पाया गया। नॉन-मेट्रो इलाकों में लगभग 54% ग्राहकों ने पुराने स्मार्टफ़ोन खरीदे थे, जबकि मेट्रो इलाकों में यह आंकड़ा 30% था।