Number Port- नंबर पोर्ट करने में नहीं लगेगा टाइम, जानिए इस फार्स्ट तरीके के बारे में

 
Number Port- नंबर पोर्ट करने में नहीं लगेगा टाइम, जानिए इस फार्स्ट तरीके के बारे में  दोस्तो आज के आधुनिक युग में लोगो को फार्स्ट नेटवर्क चाहिए, लेकिन अगर हम हाल ही के सालों की बात करें तो लोग खराब नेटवर्क कनेक्टिविटी, धीमी इंटरनेट स्पीड, बार-बार कॉल ड्रॉप होने या महंगे रिचार्ज प्लान की वजह से अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से खुश नहीं हैं, तो आप अपना मौजूदा मोबाइल नंबर बदले बिना किसी दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास जा सकते हैं। लेकिन सिम पोर्ट प्रक्रिया बहुत बहुत धीमी हो गई हैं, लेकिन एक फार्स्ट पोर्ट का तरीका हैं, आइए जानते हैं इसके बारे में सिम पोर्ट करने की प्रक्रिया काफी आसान है। आपको बस एक 'यूनिक पोर्टिंग कोड' (UPC) जनरेट करना होता है, अपनी पसंद के टेलीकॉम ऑपरेटर को पोर्टिंग रिक्वेस्ट भेजनी होती है और जरूरी KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है।  अपना सिम कैसे पोर्ट करें: स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया स्टेप 1: SMS भेजें अपना मैसेजिंग ऐप खोलें और 'PORT' लिखें, फिर एक स्पेस देकर अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर टाइप करें। जिस नंबर को आप पोर्ट करना चाहते हैं, उसी नंबर से 1900 पर यह मैसेज भेजें। स्टेप 2: अपना UPC प्राप्त करें आपको 1901 से एक SMS के जरिए 'यूनिक पोर्टिंग कोड' (UPC) मिलेगा। इस कोड को सुरक्षित रखें, क्योंकि पोर्टिंग रिक्वेस्ट सबमिट करते समय इसकी जरूरत पड़ेगी। स्टेप 3: नए ऑपरेटर के स्टोर पर जाएं आप जिस टेलीकॉम ऑपरेटर के पास जाना चाहते हैं, उसके किसी अधिकृत स्टोर या 'पॉइंट ऑफ सेल' (PoS) आउटलेट पर जाएं। आप नेटवर्क कवरेज, इंटरनेट स्पीड, कस्टमर सर्विस और रिचार्ज प्लान के आधार पर अपना नया ऑपरेटर चुन सकते हैं। स्टेप 4: आवेदन और KYC प्रक्रिया पूरी करें 'कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म' (CAF) और 'मोबाइल नंबर पोर्टिंग फॉर्म' भरें। अपना UPC सबमिट करें और जरूरी 'नो योर कस्टमर' (KYC) वेरिफिकेशन पूरा करें। आपको पोर्टिंग के लिए तय शुल्क का भुगतान भी करना पड़ सकता है। स्टेप 5: अपनी रिक्वेस्ट को ट्रैक करें  आवेदन सबमिट करने के बाद, आपको अपनी पोर्टिंग रिक्वेस्ट और सर्विस एक्टिवेट होने के संभावित समय के बारे में SMS के जरिए अपडेट मिलते रहेंगे। स्टेप 6: पोर्टिंग प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करें आमतौर पर, एक ही टेलीकॉम सर्कल के भीतर पोर्टिंग में तीन वर्किंग दिन लगते हैं, जबकि दूसरे सर्कल में जाने पर पांच वर्किंग दिन लग सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और कुछ पूर्वोत्तर (North Eastern) क्षेत्रों में, इस प्रक्रिया में 15 वर्किंग दिन तक का समय लग सकता है। स्टेप 7: अपना नया सिम एक्टिवेट करें सिम पोर्टिंग की फीस कितनी है? TRAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नया ऑपरेटर (रिसीपिएंट ऑपरेटर) प्रति रिक्वेस्ट अधिकतम ₹6.46 की पोर्टिंग फीस ले सकता है। यह शुल्क रिचार्ज प्लान और अन्य सेवाओं के खर्च से अलग है। रिक्वेस्ट सबमिट करने से पहले अपने चुने हुए ऑपरेटर से लागू होने वाले शुल्क के बारे में पता कर लें। क्या सिम पोर्टिंग की रिक्वेस्ट कैंसिल की जा सकती है? हाँ। अगर आप अपना इरादा बदल लेते हैं, तो पोर्टिंग रिक्वेस्ट सबमिट करने के 24 घंटे के भीतर आप इसे वापस ले सकते हैं। कैंसिल करने के लिए, CANCEL लिखें, फिर एक स्पेस दें और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर लिखकर 1900 पर SMS भेजें। अगर आपने पोर्टिंग फीस का भुगतान कर दिया है, तो वह वापस नहीं मिलेगी।

दोस्तो आज के आधुनिक युग में लोगो को फार्स्ट नेटवर्क चाहिए, लेकिन अगर हम हाल ही के सालों की बात करें तो लोग खराब नेटवर्क कनेक्टिविटी, धीमी इंटरनेट स्पीड, बार-बार कॉल ड्रॉप होने या महंगे रिचार्ज प्लान की वजह से अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से खुश नहीं हैं, तो आप अपना मौजूदा मोबाइल नंबर बदले बिना किसी दूसरे सर्विस प्रोवाइडर के पास जा सकते हैं। लेकिन सिम पोर्ट प्रक्रिया बहुत बहुत धीमी हो गई हैं, लेकिन एक फार्स्ट पोर्ट का तरीका हैं, आइए जानते हैं इसके बारे में

Number Port- नंबर पोर्ट करने में नहीं लगेगा टाइम, जानिए इस फार्स्ट तरीके के बारे में

सिम पोर्ट करने की प्रक्रिया काफी आसान है। आपको बस एक 'यूनिक पोर्टिंग कोड' (UPC) जनरेट करना होता है, अपनी पसंद के टेलीकॉम ऑपरेटर को पोर्टिंग रिक्वेस्ट भेजनी होती है और जरूरी KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

अपना सिम कैसे पोर्ट करें: स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

स्टेप 1: SMS भेजें

अपना मैसेजिंग ऐप खोलें और 'PORT' लिखें, फिर एक स्पेस देकर अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर टाइप करें। जिस नंबर को आप पोर्ट करना चाहते हैं, उसी नंबर से 1900 पर यह मैसेज भेजें।

स्टेप 2: अपना UPC प्राप्त करें

आपको 1901 से एक SMS के जरिए 'यूनिक पोर्टिंग कोड' (UPC) मिलेगा। इस कोड को सुरक्षित रखें, क्योंकि पोर्टिंग रिक्वेस्ट सबमिट करते समय इसकी जरूरत पड़ेगी।

स्टेप 3: नए ऑपरेटर के स्टोर पर जाएं

आप जिस टेलीकॉम ऑपरेटर के पास जाना चाहते हैं, उसके किसी अधिकृत स्टोर या 'पॉइंट ऑफ सेल' (PoS) आउटलेट पर जाएं। आप नेटवर्क कवरेज, इंटरनेट स्पीड, कस्टमर सर्विस और रिचार्ज प्लान के आधार पर अपना नया ऑपरेटर चुन सकते हैं।

स्टेप 4: आवेदन और KYC प्रक्रिया पूरी करें

'कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म' (CAF) और 'मोबाइल नंबर पोर्टिंग फॉर्म' भरें। अपना UPC सबमिट करें और जरूरी 'नो योर कस्टमर' (KYC) वेरिफिकेशन पूरा करें। आपको पोर्टिंग के लिए तय शुल्क का भुगतान भी करना पड़ सकता है।

स्टेप 5: अपनी रिक्वेस्ट को ट्रैक करें

Number Port- नंबर पोर्ट करने में नहीं लगेगा टाइम, जानिए इस फार्स्ट तरीके के बारे में

आवेदन सबमिट करने के बाद, आपको अपनी पोर्टिंग रिक्वेस्ट और सर्विस एक्टिवेट होने के संभावित समय के बारे में SMS के जरिए अपडेट मिलते रहेंगे।

स्टेप 6: पोर्टिंग प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करें

आमतौर पर, एक ही टेलीकॉम सर्कल के भीतर पोर्टिंग में तीन वर्किंग दिन लगते हैं, जबकि दूसरे सर्कल में जाने पर पांच वर्किंग दिन लग सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और कुछ पूर्वोत्तर (North Eastern) क्षेत्रों में, इस प्रक्रिया में 15 वर्किंग दिन तक का समय लग सकता है। स्टेप 7: अपना नया सिम एक्टिवेट करें

सिम पोर्टिंग की फीस कितनी है?

TRAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, नया ऑपरेटर (रिसीपिएंट ऑपरेटर) प्रति रिक्वेस्ट अधिकतम ₹6.46 की पोर्टिंग फीस ले सकता है। यह शुल्क रिचार्ज प्लान और अन्य सेवाओं के खर्च से अलग है। रिक्वेस्ट सबमिट करने से पहले अपने चुने हुए ऑपरेटर से लागू होने वाले शुल्क के बारे में पता कर लें।

क्या सिम पोर्टिंग की रिक्वेस्ट कैंसिल की जा सकती है?

हाँ। अगर आप अपना इरादा बदल लेते हैं, तो पोर्टिंग रिक्वेस्ट सबमिट करने के 24 घंटे के भीतर आप इसे वापस ले सकते हैं।

कैंसिल करने के लिए, CANCEL लिखें, फिर एक स्पेस दें और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर लिखकर 1900 पर SMS भेजें। अगर आपने पोर्टिंग फीस का भुगतान कर दिया है, तो वह वापस नहीं मिलेगी।

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