Off-Grid Solar System: बैटरी वाले सोलर सिस्टम की कीमत कितनी? 1kW, 3kW और 5kW में क्या मिलेगा, जानें पूरा हिसाब

 
s

Off-Grid Solar System Cost: बिजली कटौती वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बैटरी होती है, जिससे बिजली जाने पर भी घर में बिजली की सप्लाई जारी रहती है। हालांकि, बैटरी और इनवर्टर की वजह से इसकी लागत ऑन-ग्रिड सिस्टम की तुलना में अधिक होती है। इसके अलावा अधिकांश मामलों में इस तरह के सिस्टम पर सरकारी सब्सिडी भी उपलब्ध नहीं होती।

अगर आप 1kW, 3kW या 5kW क्षमता का ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इसकी लागत, बैटरी की जरूरत और चलने वाले उपकरणों की जानकारी जरूर जान लें।

क्या होता है ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम?

ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम ऐसा सिस्टम है जो बिजली ग्रिड पर निर्भर नहीं रहता। इसमें सोलर पैनल के साथ बैटरी बैंक और इनवर्टर लगाया जाता है, जिससे दिन में बनी बिजली बैटरी में स्टोर हो जाती है और जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह सिस्टम उन क्षेत्रों के लिए अधिक उपयोगी माना जाता है जहां बिजली कटौती ज्यादा होती है या ग्रिड बिजली उपलब्ध नहीं रहती।

1kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम की कीमत और क्षमता

यदि आपकी बिजली की जरूरत सीमित है, तो 1kW क्षमता वाला सिस्टम अच्छा विकल्प हो सकता है।

अनुमानित लागत: ₹85,000 से ₹1,05,000

इस सिस्टम में सामान्यतः—

  • 150Ah की 2 बैटरियां

  • सोलर पैनल

  • इनवर्टर

  • इंस्टॉलेशन सामग्री शामिल होती है।

किन उपकरणों को चला सकते हैं?

  • 3 से 4 LED बल्ब

  • 2 से 3 पंखे

  • एक LED टीवी

  • मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग

इस क्षमता पर एसी, गीजर या भारी बिजली वाले उपकरण चलाना संभव नहीं होता।

यह सिस्टम छोटे परिवार, 1-2 कमरों वाले घर, दुकान या ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयुक्त माना जाता है।

3kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम कितना महंगा है?

मध्यम आकार के परिवारों के लिए 3kW सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है।

अनुमानित लागत: ₹2.40 लाख से ₹2.80 लाख

इस क्षमता वाले सिस्टम में आमतौर पर—

  • 150Ah की 4 बैटरियां (लेड-एसिड)

  • या 48V लिथियम बैटरी पैक

  • हाई कैपेसिटी इनवर्टर

का उपयोग किया जाता है।

कौन-कौन से उपकरण चल सकते हैं?

  • सभी लाइटें

  • पंखे

  • फ्रिज

  • टीवी

  • कंप्यूटर

  • मिक्सर

  • लगभग 1 HP तक का वॉटर पंप

हालांकि, लगातार भारी क्षमता वाले एसी या गीजर चलाने के लिए यह सिस्टम उपयुक्त नहीं माना जाता।

लिथियम बैटरी का विकल्प महंगा जरूर होता है, लेकिन इसकी लाइफ आमतौर पर 10 से 12 वर्ष तक हो सकती है और यह कम जगह घेरती है।

5kW ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम की लागत

यदि आप पूरे घर का अधिकांश लोड सोलर पर चलाना चाहते हैं, तो 5kW सिस्टम बेहतर विकल्प हो सकता है।

अनुमानित लागत: ₹3.80 लाख से ₹4.50 लाख

इस सिस्टम में आवश्यकता के अनुसार—

  • 150Ah की 4 से 8 बैटरियां

  • या बड़ी क्षमता का लिथियम बैटरी बैंक

लगाया जा सकता है।

इस सिस्टम पर क्या चल सकता है?

  • सभी लाइट और पंखे

  • फ्रिज

  • वॉशिंग मशीन

  • वॉटर पंप

  • माइक्रोवेव या ओवन

  • दिन के समय लगभग 1.5 टन तक का इनवर्टर एसी

हालांकि, बैटरी बैकअप पर लंबे समय तक एसी चलाने से बैटरी जल्दी डिस्चार्ज हो सकती है। इसलिए भारी बिजली वाले उपकरणों का उपयोग दिन के समय करना अधिक उचित माना जाता है।

कितनी जगह की होगी जरूरत?

ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम लगाने से पहले पर्याप्त छत या खुली जगह होना जरूरी है।

लगभग आवश्यकता इस प्रकार हो सकती है—

  • 1kW सिस्टम: लगभग 100 वर्ग फुट

  • 3kW सिस्टम: लगभग 300 वर्ग फुट

  • 5kW सिस्टम: लगभग 500 वर्ग फुट

वास्तविक जगह पैनल के प्रकार और डिजाइन के अनुसार अलग हो सकती है।

बैटरी के प्रकार से बदल सकती है कीमत

ऑफ-ग्रिड सिस्टम की कुल लागत मुख्य रूप से इन बातों पर निर्भर करती है—

  • Mono PERC या Bifacial सोलर पैनल

  • Lead-Acid या Lithium-Ion बैटरी

  • इनवर्टर की क्षमता

  • इंस्टॉलेशन और वायरिंग

लिथियम बैटरी की शुरुआती लागत अधिक होती है, लेकिन इसकी उम्र और प्रदर्शन बेहतर माना जाता है।

क्या ऑफ-ग्रिड सिस्टम पर मिलती है सब्सिडी?

सामान्यतः बैटरी आधारित ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पर केंद्र सरकार की ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर योजना जैसी सीधी सब्सिडी उपलब्ध नहीं होती। हालांकि, समय-समय पर कुछ राज्यों में अलग योजनाएं लागू हो सकती हैं। इसलिए सिस्टम खरीदने से पहले संबंधित राज्य की नवीनतम सरकारी योजनाओं की जानकारी अवश्य लें।

निष्कर्ष

यदि आपके क्षेत्र में बिजली की कटौती अधिक होती है और आप लगातार बिजली की सुविधा चाहते हैं, तो ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम उपयोगी विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसकी लागत ऑन-ग्रिड सिस्टम से अधिक होती है क्योंकि इसमें बैटरी और अतिरिक्त उपकरण शामिल होते हैं। अपनी बिजली की जरूरत, बजट और उपलब्ध जगह का आकलन करने के बाद ही सही क्षमता वाला सोलर सिस्टम चुनना बेहतर रहेगा।

Tags