Myntra को ‘रिफंड’ घोटाले में 1.1 करोड़ रुपये का नुकसान: जयपुर से बेंगलुरु तक घोटालेबाज ऐसे कर रहे स्कैम

 

PC: timesofindia

फ्लिपकार्ट के स्वामित्व वाली फैशन वेबसाइट मिंत्रा एक रिफंड घोटाले का शिकार बन गई है, जिससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। जालसाजों ने कंपनी को धोखा देने के लिए कंपनी की कस्टमर फ्रेंडली रिफंड पॉलिसी का फायदा उठाया है। ऑडिट के दौरान करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का पता चला।

इस धोखाधड़ी के तौर-तरीके में ब्रांडेड जूते, ऑउटफिटऔर एक्सेसरीज़ जैसे उच्च-मूल्य वाले आइटम के लिए थोक ऑर्डर देना शामिल था। ऑर्डर डिलीवर होने के बाद, धोखेबाज़ आइटम की कमी, गलत आइटम या डिलीवरी न होने जैसी समस्याओं का दावा करते हुए झूठी शिकायतें दर्ज कराते थे। मिंत्रा के ऐप में ग्राहकों के लिए शिकायत दर्ज करने और रिफंड का दावा करने का विकल्प है। विकल्पों में कमी, रंग का अलग होना या एक ही ऑर्डर न होना शामिल था। शिकायत मिलने के बाद फर्म रिफंड प्रक्रिया शुरू करती थी।

मिंत्रा को हुए नुकसान काफी हैं, अनुमान है कि कंपनी को देशभर में 50 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है। अकेले बेंगलुरु में, लगभग 5,529 धोखाधड़ी वाले ऑर्डर की पहचान की गई, जिससे काफी वित्तीय नुकसान हुआ।

धोखाधड़ी के बारे में बताते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति 10 जोड़ी ब्रांडेड जूतों का ऑर्डर देता है, तो पार्सल मिलने के बाद वह दावा करता है कि पार्सल में सिर्फ़ पाँच जोड़ी जूते हैं। बाकी पाँच जोड़ी जूतों के लिए रिफंड का दावा किया जाता है, जिनका भुगतान उसने ऑनलाइन ऑर्डर देते समय या COD के ज़रिए किया था।

अधिकारी ने TOI को बताया कि धोखाधड़ी में राजस्थान के जयपुर का एक गिरोह शामिल है। लगभग सभी धोखाधड़ी वाले ऑर्डर जयपुर से दिए गए थे। जालसाज़ों ने डिलीवरी के लिए बेंगलुरु और दूसरे महानगरों के पते दिए थे। कुछ ऑर्डर चाय की दुकानों, दर्जी की दुकानों या प्रोविजन या स्टेशनरी स्टोर जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में डिलीवर किए गए थे।

हाल ही में इसी तरह के एक मामले में साइबर क्राइम ने गुजरात के सूरत से तीन बदमाशों को सप्लायर और ग्राहकों की आड़ में ई-कॉमर्स कंपनी मीशो को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कथित तौर पर उन्होंने फर्जी ऑर्डर देकर मीशो को 5.5 करोड़ रुपये की ठगी की। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और आईपीसी की धारा 419 (छद्म रूप में धोखाधड़ी) और 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति हड़पने के लिए प्रेरित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

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