Apps Instruction-  अपने स्मार्टफोन में भूलकर भी ना करें ये Apps इनस्टॉल, अकाउंट हो जाएगा खाली

 

By Jitendra Jangid- दोस्तो डिजिटाइलाइजेशन ने हमारे बहुत सारे काम आसान कर दिए हैं, आज हम इस अपनी उंगलियों के माध्यम से कई काम चुटकियों में कर सकते हैं। इस डिजिटलकरण ने जहां हमें सुविधाएं दी हैं वही साइबर धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं, अपराधी लगातार मासूम लोगों को ठगने के नए-नए तरीके खोज रहे हैं। हाल ही में एक मामला सामने आया हैं कि हैकर्स लोगों को ठगने के लिए लोकप्रिय "पीएम किसान योजना" सरकारी योजना का फायदा उठा रहे हैं। ये साइबर अपराधी लोगों के स्मार्टफोन को हैक करने के लिए एक नकली ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी चोरी हो रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल्स

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धोखाधड़ी कैसे काम करती है

साइबर अपराधियों ने एक नकली ऐप बनाया है जो किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से एक सरकारी पहल पीएम किसान योजना से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। जब लोग इस ऐप को डाउनलोड करते हैं, तो उनके स्मार्टफोन से छेड़छाड़ की जाती है।

OTP (वन-टाइम पासवर्ड) और बैंकिंग संदेश

आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर और जन्मतिथि जैसी व्यक्तिगत जानकारी

चोरी किए गए इस डेटा के साथ, हैकर्स पीड़ित के फोन को UPI भुगतान के लिए पंजीकृत कर सकते हैं, जिससे वे पीड़ित के बैंक खाते से सीधे पैसे निकाल सकते हैं।

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सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग

धोखेबाज सरकारी योजनाओं में लोगों के भरोसे का फायदा उठाते हैं। वे पीड़ितों को पीएम किसान योजना जैसे सरकारी लाभों से संबंधित सहायता का लालच देते हैं और उन्हें फर्जी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से आधार नंबर और पैन कार्ड विवरण जैसी संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित करते हैं। एक बार जब उनके पास यह जानकारी होती है, तो हैकर्स UPI खातों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर लेते हैं और पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं।

साइबर धोखाधड़ी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ ज़रूरी कदम इस प्रकार हैं:

अविश्वसनीय ऐप्स से बचें: अज्ञात स्रोतों या WhatsApp या सोशल मीडिया जैसे प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए शेयर किए गए संदिग्ध लिंक से ऐप्स डाउनलोड न करें।

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आधिकारिक चैनल का इस्तेमाल करें: सिर्फ़ आधिकारिक स्रोतों जैसे कि आधिकारिक वेबसाइट या Google Play Store से ही ऐप्स डाउनलोड करें या सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी लें। थर्ड-पार्टी वेबसाइट या लिंक से बचें।

संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें: अगर आपको संदेह है कि आप साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत पुलिस को घटना की रिपोर्ट करें। समय पर रिपोर्ट करने से खोए हुए फंड की जांच और रिकवरी में मदद मिल सकती है।

सुरक्षा को प्राथमिकता दें: अपने व्यक्तिगत और बैंकिंग विवरणों के साथ सतर्क रहें। हमेशा सुनिश्चित करें कि आपके फ़ोन में उचित सुरक्षा उपाय हों, जैसे कि मज़बूत पासवर्ड और दो-कारक प्रमाणीकरण।

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