Account Hackers- स्कैमर्स ने निकाला नया तरीका, WhatsApp पर ऐसे मैसेज से रहें सावधान

 
Account Hackers- स्कैमर्स ने निकाला नया तरीका, WhatsApp पर ऐसे मैसेज से रहें सावधान दोस्तो व्हाट्सएप आज हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया हैं, जिसके जरिए लोग अपने परिवार और दोस्तों से बातचीत कर सकते हैं, दस्तावेज़ साझा कर सकते हैं और ज़रूरी अपडेट पा सकते हैं। लेकिन साइबर अपराधी इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके यूज़र्स को धोखा दे रहे हैं, ताकि वे अपनी निजी जानकारी दे दें या उनकी वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ जाए। पुलिस ने लोगों को व्हाट्सएप पर आने वाले संदिग्ध संदेशों के बारे में चेतावनी दी है। ये संदेश लोगों में घबराहट पैदा करने और उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बनाने के लिए भेजे जा सकते हैं। हाल ही में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑनलाइन स्कैम में लाखों रुपये गंवा बैठे। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनजान नंबरों से आने वाले संदेशों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। हालाँकि, यूज़र्स को यह समझना चाहिए कि किसी व्हाट्सएप संदेश का जवाब सिर्फ "नहीं" (No) में देने का मतलब यह नहीं है कि उनका फ़ोन हैक हो गया है या उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाएगा। असली ख़तरा इस बात पर निर्भर करता है कि स्कैमर किस तरीके का इस्तेमाल कर रहा है और पीड़ित ने क्या कदम उठाए हैं। व्हाट्सएप "नहीं" (No) स्कैम क्या है? इस तरह की धोखाधड़ी में, यूज़र्स को किसी अनजान नंबर से संदेश मिल सकता है, जिसमें दावा किया जाता है कि उनके बैंक अकाउंट से पैसे कट गए हैं। संदेश में कहा जा सकता है कि अगर उन्होंने यह ट्रांजेक्शन नहीं किया है, तो वे जवाब में "नहीं" (No) लिखें।  ऐसे संदेश यूज़र्स को डराने के लिए भेजे जाते हैं, ताकि वे बिना जानकारी की पुष्टि किए तुरंत जवाब दे दें। इसके बाद, स्कैमर पीड़ितों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, हानिकारक ऐप्स डाउनलोड करने या अपनी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा करने के लिए बहका सकते हैं। मुख्य चेतावनी यह है कि किसी भी अनजान या अपुष्ट स्रोत से मिले निर्देशों का पालन न करें। अगर बैंक ट्रांजेक्शन को लेकर कोई संदिग्ध दावा किया जाता है, तो उसकी अलग से पुष्टि ज़रूर करें। क्या साइबर अपराधी बिना OTP के भी धोखाधड़ी कर सकते हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि OTP साझा किए बिना ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी होना नामुमकिन है। हालाँकि, साइबर अपराधी कई तरीकों का इस्तेमाल करके उन लोगों को निशाना बना सकते हैं जिन्हें कोई शक नहीं होता इसके कुछ आम तरीके इस प्रकार हैं: फर्ज़ी संदेश: धोखेबाज़ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए गुमराह करने वाले अलर्ट भेजते हैं, ताकि पीड़ित तुरंत कोई कदम उठा लें। धोखाधड़ी वाले लिंक: संदिग्ध लिंक आपको ऐसी फ़र्ज़ी वेबसाइटों पर ले जा सकते हैं, जिन्हें आपके लॉगिन क्रेडेंशियल या निजी जानकारी चुराने के लिए बनाया गया है। हानिकारक ऐप्स: किसी भरोसेमंद न लगने वाले ऐप को इंस्टॉल करने से आपकी संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है या अपराधी आपके डिवाइस का खतरनाक एक्सेस पा सकते हैं। सोशल इंजीनियरिंग: स्कैमर बैंक अधिकारी या किसी भरोसेमंद संस्था का प्रतिनिधि बनकर लोगों को अपनी गोपनीय जानकारी देने के लिए मना लेते हैं।  रिमोट एक्सेस फ्रॉड: इसमें पीड़ितों को ऐसे एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए बहकाया जा सकता है, जिससे कोई दूसरा व्यक्ति उनके डिवाइस को देख सके या उसे कंट्रोल कर सके। सिर्फ "नहीं" (No) कहने से यह साबित नहीं होता कि आपका डिवाइस हैक हो गया है। असली खतरा इसके बाद की जाने वाली गतिविधियों से होता है, जैसे कि खतरनाक लिंक पर क्लिक करना, संदिग्ध ऐप इंस्टॉल करना, या अपनी गोपनीय जानकारी किसी को बता देना। व्हाट्सएप स्कैम से कैसे बचें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए इन सावधानियों का पालन करें: संदिग्ध संदेशों से बचें: अनजान नंबरों से आने वाले ऐसे संदेशों पर ध्यान न दें, जो घबराहट पैदा करने वाले हों या अचानक किसी वित्तीय लेनदेन की चेतावनी देते हों।  अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें: व्हाट्सएप या SMS के जरिए मिले किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसके स्रोत (source) की जांच जरूर कर लें। अज्ञात ऐप इंस्टॉल न करें: एप्लिकेशन हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से ही डाउनलोड करें और इंस्टॉल करने से पहले उनकी अनुमतियों (permissions) को ध्यान से देखें। अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें: अपना OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड या कोई अन्य गोपनीय जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा न करें। बैंक लेनदेन की खुद जांच करें: अगर आपको पैसे कटने का कोई संदेश मिलता है, तो अपने बैंक के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या सत्यापित कस्टमर-केयर नंबर के जरिए इसकी पुष्टि करें। अपने फोन को अपडेट रखें: अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन के लिए नियमित रूप से सुरक्षा अपडेट (security updates) इंस्टॉल करते रहें। व्हाट्सएप के सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल करें: 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' (two-step verification) चालू करें और समय-समय पर यह जांचते रहें कि आपके व्हाट्सएप अकाउंट से कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हैं, ताकि किसी अनजान सेशन का पता चल सके। अगर आप धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं, तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि आप किसी ऑनलाइन स्कैम का शिकार हो गए हैं और आपके पैसे कट गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। उनसे अपने खाते को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहें और अनधिकृत लेनदेन (unauthorized transaction) की रिपोर्ट दर्ज कराएं। भारत में, वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए आप 'नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन' के नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप आधिकारिक 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' (https://cybercrime.gov.in/) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

दोस्तो व्हाट्सएप आज हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया हैं, जिसके जरिए लोग अपने परिवार और दोस्तों से बातचीत कर सकते हैं, दस्तावेज़ साझा कर सकते हैं और ज़रूरी अपडेट पा सकते हैं। लेकिन साइबर अपराधी इस प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके यूज़र्स को धोखा दे रहे हैं, ताकि वे अपनी निजी जानकारी दे दें या उनकी वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ जाए।

पुलिस ने लोगों को व्हाट्सएप पर आने वाले संदिग्ध संदेशों के बारे में चेतावनी दी है। ये संदेश लोगों में घबराहट पैदा करने और उन्हें धोखाधड़ी का शिकार बनाने के लिए भेजे जा सकते हैं। हाल ही में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑनलाइन स्कैम में लाखों रुपये गंवा बैठे। हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने भी लोगों से सतर्क रहने और अनजान नंबरों से आने वाले संदेशों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।

Account Hackers: Scammers have devised a new method—beware of such messages on WhatsApp.

हालाँकि, यूज़र्स को यह समझना चाहिए कि किसी व्हाट्सएप संदेश का जवाब सिर्फ "नहीं" (No) में देने का मतलब यह नहीं है कि उनका फ़ोन हैक हो गया है या उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाएगा। असली ख़तरा इस बात पर निर्भर करता है कि स्कैमर किस तरीके का इस्तेमाल कर रहा है और पीड़ित ने क्या कदम उठाए हैं।

व्हाट्सएप "नहीं" (No) स्कैम क्या है?

इस तरह की धोखाधड़ी में, यूज़र्स को किसी अनजान नंबर से संदेश मिल सकता है, जिसमें दावा किया जाता है कि उनके बैंक अकाउंट से पैसे कट गए हैं। संदेश में कहा जा सकता है कि अगर उन्होंने यह ट्रांजेक्शन नहीं किया है, तो वे जवाब में "नहीं" (No) लिखें।

ऐसे संदेश यूज़र्स को डराने के लिए भेजे जाते हैं, ताकि वे बिना जानकारी की पुष्टि किए तुरंत जवाब दे दें। इसके बाद, स्कैमर पीड़ितों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, हानिकारक ऐप्स डाउनलोड करने या अपनी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा करने के लिए बहका सकते हैं।

मुख्य चेतावनी यह है कि किसी भी अनजान या अपुष्ट स्रोत से मिले निर्देशों का पालन न करें। अगर बैंक ट्रांजेक्शन को लेकर कोई संदिग्ध दावा किया जाता है, तो उसकी अलग से पुष्टि ज़रूर करें।

क्या साइबर अपराधी बिना OTP के भी धोखाधड़ी कर सकते हैं?

बहुत से लोगों को लगता है कि OTP साझा किए बिना ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी होना नामुमकिन है। हालाँकि, साइबर अपराधी कई तरीकों का इस्तेमाल करके उन लोगों को निशाना बना सकते हैं जिन्हें कोई शक नहीं होता

इसके कुछ आम तरीके इस प्रकार हैं:

फर्ज़ी संदेश: धोखेबाज़ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए गुमराह करने वाले अलर्ट भेजते हैं, ताकि पीड़ित तुरंत कोई कदम उठा लें।

धोखाधड़ी वाले लिंक: संदिग्ध लिंक आपको ऐसी फ़र्ज़ी वेबसाइटों पर ले जा सकते हैं, जिन्हें आपके लॉगिन क्रेडेंशियल या निजी जानकारी चुराने के लिए बनाया गया है।

हानिकारक ऐप्स: किसी भरोसेमंद न लगने वाले ऐप को इंस्टॉल करने से आपकी संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है या अपराधी आपके डिवाइस का खतरनाक एक्सेस पा सकते हैं।

सोशल इंजीनियरिंग: स्कैमर बैंक अधिकारी या किसी भरोसेमंद संस्था का प्रतिनिधि बनकर लोगों को अपनी गोपनीय जानकारी देने के लिए मना लेते हैं।

रिमोट एक्सेस फ्रॉड: इसमें पीड़ितों को ऐसे एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए बहकाया जा सकता है, जिससे कोई दूसरा व्यक्ति उनके डिवाइस को देख सके या उसे कंट्रोल कर सके।

सिर्फ "नहीं" (No) कहने से यह साबित नहीं होता कि आपका डिवाइस हैक हो गया है। असली खतरा इसके बाद की जाने वाली गतिविधियों से होता है, जैसे कि खतरनाक लिंक पर क्लिक करना, संदिग्ध ऐप इंस्टॉल करना, या अपनी गोपनीय जानकारी किसी को बता देना।

Account Hackers: Scammers have devised a new method—beware of such messages on WhatsApp.

व्हाट्सएप स्कैम से कैसे बचें

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए इन सावधानियों का पालन करें:

संदिग्ध संदेशों से बचें: अनजान नंबरों से आने वाले ऐसे संदेशों पर ध्यान न दें, जो घबराहट पैदा करने वाले हों या अचानक किसी वित्तीय लेनदेन की चेतावनी देते हों।

अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें: व्हाट्सएप या SMS के जरिए मिले किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसके स्रोत (source) की जांच जरूर कर लें।

अज्ञात ऐप इंस्टॉल न करें: एप्लिकेशन हमेशा भरोसेमंद स्रोतों से ही डाउनलोड करें और इंस्टॉल करने से पहले उनकी अनुमतियों (permissions) को ध्यान से देखें।

अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें: अपना OTP, UPI PIN, ATM PIN, पासवर्ड या कोई अन्य गोपनीय जानकारी कभी भी किसी के साथ साझा न करें।

बैंक लेनदेन की खुद जांच करें: अगर आपको पैसे कटने का कोई संदेश मिलता है, तो अपने बैंक के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या सत्यापित कस्टमर-केयर नंबर के जरिए इसकी पुष्टि करें।

अपने फोन को अपडेट रखें: अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन के लिए नियमित रूप से सुरक्षा अपडेट (security updates) इंस्टॉल करते रहें।

व्हाट्सएप के सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल करें: 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' (two-step verification) चालू करें और समय-समय पर यह जांचते रहें कि आपके व्हाट्सएप अकाउंट से कौन-कौन से डिवाइस जुड़े हैं, ताकि किसी अनजान सेशन का पता चल सके।

अगर आप धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं, तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आप किसी ऑनलाइन स्कैम का शिकार हो गए हैं और आपके पैसे कट गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। उनसे अपने खाते को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहें और अनधिकृत लेनदेन (unauthorized transaction) की रिपोर्ट दर्ज कराएं।

भारत में, वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए आप 'नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन' के नंबर 1930 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप आधिकारिक 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' (https://cybercrime.gov.in/) पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।