Abhigyan App- कैसे ऐप करेगा 15 अगस्त को लाल किले की सुरक्षा, आइए जानते हैं कैसे करता हैं काम
दोस्तो दो दिन सम्पूर्ण भारत आजादी का जश्न मना रहा होगा, जी हॉ हम बात कर रहे हैं 15 अगस्त की इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पारंपरिक पुलिस तैनाती के साथ-साथ AI-आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, फेशियल रिकग्निशन और एंटी-ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।

अभिज्ञान ऐप क्या है?
अभिज्ञान ऐप को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने विकसित किया है। यह सुरक्षा और पुलिस कर्मियों को उन व्यक्तियों की त्वरित बायोमेट्रिक जांच करने में मदद करता है जिन पर आपराधिक रिकॉर्ड होने का संदेह होता है।
इस काम के लिए, सुरक्षा कर्मी हैंडहेल्ड बायोमेट्रिक डिवाइस और पोर्टेबल फिंगरप्रिंट स्कैनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध लगता है, तो उसे तुरंत पुलिस स्टेशन ले जाए बिना मौके पर ही उसके फिंगरप्रिंट को स्कैन किया जा सकता है।
अभिज्ञान ऐप कैसे काम करता है?
यह ऐप नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) से जुड़ा हुआ है।
यह प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार काम करती है:
एक सुरक्षा अधिकारी पोर्टेबल बायोमेट्रिक डिवाइस का इस्तेमाल करके व्यक्ति के फिंगरप्रिंट को स्कैन करता है।
फिंगरप्रिंट की जांच NAFIS में उपलब्ध रिकॉर्ड से की जाती है।
सिस्टम डेटाबेस में संभावित मिलान (मैच) खोजता है।
सत्यापन प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में परिणाम दे सकती है।
यदि किसी ज्ञात अपराधी से मिलान पाया जाता है, तो सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट मिल सकता है और वे संबंधित आपराधिक-रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
यदि कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो सिस्टम संकेत देता है कि कोई मिलान नहीं पाया गया।

यह तकनीक भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील कार्यक्रम के दौरान मौके पर ही सत्यापन में लगने वाले समय को काफी कम कर सकती है।
लाल किले पर अभिज्ञान ऐप का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?
स्वतंत्रता दिवस समारोह एक उच्च-सुरक्षा वाला कार्यक्रम है, जिसमें लाल किले और उसके आसपास हजारों लोग जमा होते हैं।
सत्यापन के लिए हर संदिग्ध व्यक्ति को मैन्युअल रूप से पुलिस स्टेशन ले जाना अव्यावहारिक और समय लेने वाला होगा। अभिज्ञान ऐप सुरक्षा कर्मियों को मौके पर ही बायोमेट्रिक सत्यापन करने की सुविधा देता है।
इससे एजेंसियों को मदद मिल सकती है:
संदिग्ध व्यक्तियों की तुरंत जांच करने में।
आपराधिक रिकॉर्ड के साथ संभावित मिलान की पहचान करने में।
सत्यापन का समय कम करने में। सुरक्षा कर्मियों को तेज़ी से फ़ैसले लेने में मदद करना।
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर बनाना।
लगभग 1,000 CCTV कैमरे लगाए गए
लाल किले और आस-पास के इलाकों में लगभग 1,000 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ कैमरों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) लगे हैं।
फेशियल-रिकग्निशन टेक्नोलॉजी वाली हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरा वैन भी तैनात की गई हैं। ये सिस्टम भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चेहरों को स्कैन कर सकते हैं और उनकी तुलना संबंधित डेटाबेस में मौजूद जानकारी से कर सकते हैं।
अगर कोई वांछित व्यक्ति या ऐसा व्यक्ति जिसकी पहचान ज़रूरी है, पाया जाता है, तो अलर्ट जारी किया जा सकता है और आगे की कार्रवाई के लिए सुरक्षा कंट्रोल रूम को जानकारी दी जा सकती है।
