Sports News- कपड़ों की तरह कोच बदल रहा हैं पाकिस्तान, पांच साल में किए इतने बदलाव
पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर हैं, जहां उनका हमेशा की तरह खराब प्रदर्शन जारी हैं, लेकिन टीम में कुछ बदलाव चर्चा का विषय बन गए हैं, तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने आखिरी टेस्ट से पहले टीम में बड़े बदलाव किए और आधे से ज्यादा खिलाड़ियों को बदल दिया।
इतना ही नहीं, टीम के कोचिंग सेटअप में भी बड़ा बदलाव किया गया। सरफराज अहमद को टेस्ट टीम के कोच पद से हटाकर वनडे और टी20 टीम के कोच माइक हेसन को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई। इसके साथ ही पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेट में कोच बदलने का सिलसिला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

3 साल में 6 बार बदला टेस्ट कोच
पाकिस्तान ने साल 2023 से अब तक टेस्ट टीम के कोच में छह बदलाव किए हैं। इतनी तेजी से कोच बदलने से टीम में स्थिरता और लंबी अवधि की रणनीति पर भी सवाल उठ रहे हैं।
टेस्ट कोच के बदलावों का सिलसिला इस प्रकार रहा:
ग्रांट ब्रैडबर्न: मार्च 2023 से नवंबर 2023
मोहम्मद हफीज: नवंबर 2023 से फरवरी 2024
जेसन गिलेस्पी: अप्रैल 2024 से दिसंबर 2024
अजहर महमूद: जनवरी 2025 से दिसंबर 2025
सरफराज अहमद: अप्रैल 2026 से अगस्त 2026
माइक हेसन: सितंबर 2026 से जिम्मेदारी
यानी पाकिस्तान ने करीब तीन वर्षों में छह बार टेस्ट कोच बदला है।
टेस्ट क्रिकेट में लगातार गिरता प्रदर्शन
कोचिंग में लगातार बदलाव के बावजूद पाकिस्तान के टेस्ट प्रदर्शन में खास सुधार देखने को नहीं मिला। पिछले कुछ वर्षों में टीम को कई महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है।
सबसे बड़ी चिंता घरेलू मैदान पर प्रदर्शन को लेकर भी रही है। पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ लगातार दो टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और अब इंग्लैंड में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।

इंग्लैंड दौरे पर भी नहीं बदली कहानी
इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान को शुरुआती दोनों मुकाबलों में हार मिली। लगातार हार के बाद PCB ने आखिरी टेस्ट से पहले टीम में बड़े बदलाव करने का फैसला किया।
आधे से ज्यादा खिलाड़ियों को बदलने के साथ टेस्ट कोचिंग की जिम्मेदारी भी माइक हेसन को दे दी गई। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या बार-बार खिलाड़ियों और कोचों को बदलना पाकिस्तान क्रिकेट की समस्याओं का स्थायी समाधान हो सकता है?
5 साल में 11 बार कोचिंग में बदलाव
अगर केवल टेस्ट टीम की बात न करके पाकिस्तान के पूरे क्रिकेट सेटअप को देखें, तो पिछले पांच वर्षों में कोचिंग में करीब 11 बदलाव किए गए हैं।
यह सिलसिला 2021 में मिस्बाह-उल-हक के जाने के बाद तेज हुआ। इसके बाद सकलैन मुश्ताक ने करीब दो साल तक तीनों फॉर्मेट में टीम को कोचिंग दी। हालांकि उनके बाद मोहम्मद हफीज, गैरी कर्स्टन और आकिब जावेद जैसे नाम भी अलग-अलग समय पर टीम के साथ जुड़े, लेकिन कोई भी लंबे समय तक टीम को स्थिरता और लगातार सफलता नहीं दिला सका।
