IPL 2027: क्या हटेगा Impact Player Rule? BCCI ने सभी 10 टीमों से मांगी राय, जल्द हो सकता है बड़ा फैसला
आईपीएल 2027 में अभी समय है, लेकिन टूर्नामेंट के एक सबसे चर्चित नियम को लेकर बदलाव की आहट शुरू हो गई है। बीसीसीआई ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर एक बार फिर समीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने आईपीएल की सभी 10 फ्रेंचाइजी से इस नियम पर अपनी राय और सुझाव मांगे हैं।
इम्पैक्ट प्लेयर रूल को पहली बार आईपीएल 2023 में लागू किया गया था। इसके बाद से ही इस पर लगातार बहस होती रही है। कुछ खिलाड़ी और क्रिकेट एक्सपर्ट मानते हैं कि इससे ऑलराउंडरों की भूमिका प्रभावित हुई है और बल्लेबाजी करने वाली टीमों को अतिरिक्त फायदा मिलता है। वहीं दूसरी ओर इस नियम के समर्थकों का कहना है कि इससे मैच ज्यादा रोमांचक बने हैं।
अब बीसीसीआई के ताजा कदम से यह सवाल उठने लगा है कि क्या आईपीएल 2027 से पहले इस नियम में बदलाव किया जा सकता है या इसे पूरी तरह हटाया जा सकता है।
सभी 10 फ्रेंचाइजी से मांगा गया फीडबैक
रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई ने आईपीएल की सभी 10 टीमों से इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर अपनी राय देने को कहा है।
फ्रेंचाइजियों को 31 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट या सुझाव जमा करने थे। इन सुझावों के आधार पर बोर्ड आगे की रणनीति पर विचार कर सकता है।
हालांकि अभी तक यह फैसला नहीं हुआ है कि नियम हटाया जाएगा या जारी रखा जाएगा। फिलहाल इसे समीक्षा की प्रक्रिया माना जा रहा है।
इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि आईपीएल 2027 में इम्पैक्ट प्लेयर रूल निश्चित रूप से खत्म हो जाएगा।
क्यों लगातार विवादों में रहा Impact Player Rule?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम लागू होने के बाद टीमों को मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी को इस्तेमाल करने का विकल्प मिला। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि टीमें बल्लेबाजी करते समय एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज और गेंदबाजी के दौरान एक अतिरिक्त गेंदबाज को मैदान पर उतार सकती हैं।
यही इस नियम की सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ी आलोचना दोनों बन गई।
आलोचकों का मानना है कि इससे पारंपरिक ऑलराउंडरों की जरूरत कुछ हद तक कम हो जाती है, क्योंकि टीम एक खिलाड़ी से बल्लेबाजी कराने के बाद उसकी जगह विशेषज्ञ गेंदबाज ला सकती है।
इसके अलावा कुछ लोग इसे बल्लेबाजों के पक्ष में झुका हुआ नियम भी मानते हैं।
IPL 2026 में बड़े स्कोर के बाद फिर उठे सवाल
आईपीएल 2026 में कई मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले। रिपोर्ट के अनुसार इस सीजन में टीमों ने पहले के मुकाबले ज्यादा बार 200 रन का आंकड़ा पार किया।
इसके बाद इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर बहस फिर तेज हो गई।
आलोचकों का तर्क है कि एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज की उपलब्धता के कारण टीमों को शुरुआत से अधिक आक्रामक खेलने की आजादी मिलती है। बल्लेबाजों को यह भरोसा रहता है कि टीम की बैटिंग डेप्थ पहले से ज्यादा है।
हालांकि सिर्फ बड़े स्कोर के लिए इम्पैक्ट प्लेयर नियम को जिम्मेदार मानना भी सही नहीं होगा। बल्लेबाजी की परिस्थितियां, मैदान का आकार, पिच, गेंदबाजों की रणनीति और आधुनिक टी20 बल्लेबाजी भी स्कोर बढ़ने में भूमिका निभा सकते हैं।
कई बड़े खिलाड़ी कर चुके हैं विरोध
इम्पैक्ट प्लेयर रूल को लेकर कई बड़े भारतीय क्रिकेटरों ने पहले भी अपनी राय रखी है।
रिपोर्ट्स में रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों का नाम उन क्रिकेटरों में शामिल किया गया है जिन्होंने इस नियम के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा ऑलराउंडरों की भूमिका को लेकर हुई है।
टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ी काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों कर सकते हैं। लेकिन इम्पैक्ट प्लेयर विकल्प मिलने के बाद टीमों को कई बार एक ही खिलाड़ी से दोनों भूमिकाएं कराने की जरूरत नहीं पड़ती।
BCCI सचिव कर चुके हैं नियम का समर्थन
दिलचस्प बात यह है कि बीसीसीआई के अंदर भी इस नियम को लेकर अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा होती रही है।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इससे पहले इम्पैक्ट प्लेयर नियम का समर्थन किया था।
उन्होंने इस तर्क से असहमति जताई थी कि यह नियम पूरी तरह गेंदबाजों के खिलाफ है। उनके मुताबिक आईपीएल में लो-स्कोरिंग मुकाबले भी देखने को मिले हैं और गेंदबाजों ने भी विकेट हासिल किए हैं।
इसके बावजूद बोर्ड ने अब फ्रेंचाइजियों से फीडबैक मांगकर साफ कर दिया है कि नियम की समीक्षा की जाएगी।
क्या IPL 2027 से हट सकता है नियम?
इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आईपीएल 2027 में इम्पैक्ट प्लेयर नियम दिखाई देगा?
फिलहाल इसका निश्चित जवाब नहीं है।
सभी फ्रेंचाइजियों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद बीसीसीआई विभिन्न विकल्पों पर विचार कर सकता है। बोर्ड नियम को उसी स्वरूप में जारी रख सकता है, उसमें कुछ संशोधन कर सकता है या इसे खत्म करने पर भी विचार कर सकता है।
इसलिए फिलहाल 'Impact Player Rule हट गया' कहना गलत होगा। सही स्थिति यह है कि नियम समीक्षा के दायरे में है।
दूसरे नियमों पर भी हो रही चर्चा
बीसीसीआई केवल इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर ही विचार नहीं कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार बोर्ड Players and Match Officials Area (PMOA), अंपायरिंग, प्रैक्टिस सेशन और प्लेइंग कंडीशंस से जुड़े कई पहलुओं की भी समीक्षा कर रहा है।
हालांकि इन सभी मुद्दों में इम्पैक्ट प्लेयर रूल को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा असर टीम कॉम्बिनेशन और मैच की रणनीति पर पड़ता है।
क्या है Impact Player Rule?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम आईपीएल में 2023 से इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस नियम के तहत टीमें मैच के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन के साथ कुछ संभावित सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों के नाम भी देती हैं। इनमें से किसी एक खिलाड़ी को मुकाबले के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इम्पैक्ट प्लेयर आमतौर पर विकेट गिरने, ओवर पूरा होने या पारी से जुड़े निर्धारित ब्रेक पर मैदान में लाया जा सकता है।
जिस खिलाड़ी की जगह इम्पैक्ट प्लेयर आता है, वह बाहर जाने के बाद दोबारा मैच में हिस्सा नहीं ले सकता।
इससे टीम को परिस्थितियों के अनुसार अपनी बल्लेबाजी या गेंदबाजी को मजबूत करने का विकल्प मिल जाता है।
गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में मिलता है रणनीतिक फायदा
मान लीजिए कोई टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है। वह अपनी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में एक अतिरिक्त बल्लेबाज रख सकती है। बल्लेबाजी पूरी होने के बाद उस बल्लेबाज की जगह विशेषज्ञ गेंदबाज को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में उतारा जा सकता है।
इसी तरह लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम मैच की स्थिति के आधार पर अतिरिक्त बल्लेबाज का इस्तेमाल कर सकती है।
यही वजह है कि इस नियम ने टीम रणनीति को काफी बदल दिया है।
ऑलराउंडरों को लेकर क्यों है चिंता?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के सबसे बड़े आलोचनात्मक पहलुओं में ऑलराउंडर खिलाड़ियों का विकास शामिल है।
पहले टीमों को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती थी जो चार ओवर गेंदबाजी करने के साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी भी कर सकें। अब कई परिस्थितियों में टीम एक विशेषज्ञ बल्लेबाज और विशेषज्ञ गेंदबाज का अलग-अलग इस्तेमाल कर सकती है।
कुछ पूर्व और मौजूदा खिलाड़ियों का मानना है कि लंबे समय में इससे भारतीय क्रिकेट में सीम-बॉलिंग या स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडरों को मिलने वाले अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि इस पर अंतिम राय अभी भी बंटी हुई है।
IPL 2027 से पहले फैसला संभव
फ्रेंचाइजियों से सुझाव मांगे जाने के बाद इम्पैक्ट प्लेयर रूल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।
अगर अधिकांश टीमें नियम में बदलाव की मांग करती हैं तो बीसीसीआई आईपीएल 2027 से पहले इसकी समीक्षा के बाद नया फैसला ले सकता है।
लेकिन फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि BCCI ने इम्पैक्ट प्लेयर रूल हटाने की घोषणा नहीं की है। बोर्ड अभी सभी 10 फ्रेंचाइजियों से मिले फीडबैक और दूसरे पहलुओं पर विचार कर रहा है।
इसलिए आईपीएल 2027 में इम्पैक्ट प्लेयर रहेगा, बदलेगा या पूरी तरह समाप्त होगा, इसकी अंतिम तस्वीर बीसीसीआई के आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होगी।
