Sonam Wangchuk: न्यूयॉर्क से लंदन तक गूंजा समर्थन, कई देशों में प्रदर्शन कर भारत सरकार से बातचीत की मांग

 
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Sonam Wangchuk News: शिक्षा सुधार और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई शहरों में उनके समर्थन में प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बातचीत शुरू करने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है।

विदेशों में समर्थन अभियान ने पकड़ी रफ्तार

सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका के न्यूयॉर्क और सैन होजे समेत कई शहरों में लोगों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की मांग उठाई। कई प्रतिभागियों ने भारत सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद शुरू करने की अपील भी की।

प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों का कहना था कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालना जरूरी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की आवाज सुनी जानी चाहिए।

लंदन और डबलिन में भी हुआ प्रदर्शन

अमेरिका के अलावा ब्रिटेन की राजधानी लंदन और आयरलैंड के डबलिन में भी भारतीय उच्चायोग और दूतावास के बाहर समर्थन प्रदर्शन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में शामिल लोगों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया।

प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों ने कहा कि छात्रों के साथ निष्पक्ष व्यवहार होना चाहिए और उनकी चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए संवाद और जवाबदेही आवश्यक है।

यूरोप के अन्य देशों में भी दिखा समर्थन

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने यूरोप के अन्य हिस्सों में भी समर्थन कार्यक्रम आयोजित किए। इन आयोजनों के दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर खुली चर्चा और आवश्यक सुधारों की मांग दोहराई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था और भरोसेमंद भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।

भारत सरकार से बातचीत की अपील

समर्थन देने वाले संगठनों ने भारत सरकार से अपील की है कि वह सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद स्थापित करे। उनका कहना है कि बातचीत के माध्यम से छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान तलाशा जा सकता है।

संगठनों ने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम होता है और सभी पक्षों को मिलकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती

लगातार कई दिनों तक अनशन जारी रहने के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया। बाद में न्यायालय के निर्देशों के अनुसार उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इस बीच उनके समर्थक लगातार उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं। इन्हीं मांगों के समर्थन में उन्होंने अनशन शुरू किया था। इस मुद्दे ने देशभर में चर्चा बटोरी और अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिलने लगा है।

निष्कर्ष

सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के विभिन्न शहरों में हुए प्रदर्शन यह संकेत देते हैं कि यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है। वहीं, वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी समर्थकों की चिंता बनी हुई है।

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