₹15 हजार के लालच में मुंडवा लिया सिर! तमिलनाडु में फोन कॉल से ठगी का हैरान करने वाला मामला

 
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Tamil Nadu Scam Viral Story: साइबर ठग अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी तो कभी सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को झांसा दिया जाता है। लेकिन तमिलनाडु से सामने आया एक मामला इन सबसे अलग है। यहां एक कथित सरकारी योजना के नाम पर किए गए फोन कॉल के बाद तीन महिलाओं ने अपना सिर मुंडवा लिया। बाद में पता चला कि पूरी कहानी एक फर्जी कॉल और अफवाह पर आधारित थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना तमिलनाडु के सलेम जिले के अत्तूर क्षेत्र के पास स्थित पुथुकोथमपाडी गांव की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव की एक महिला के मोबाइल पर रात के समय एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को तहसील कार्यालय का अधिकारी बताया।

महिला के अनुसार, कॉल करने वाले को उनके परिवार के सदस्यों के नाम जैसी कुछ निजी जानकारियां भी पता थीं। इसी वजह से उन्हें लगा कि फोन वास्तव में किसी सरकारी अधिकारी का है और उन्होंने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया।

नई बीमारी का डर दिखाकर दिया सरकारी योजना का झांसा

फोन करने वाले ने दावा किया कि कोरोना जैसी एक नई संक्रामक बीमारी फैल रही है, जो बालों के जरिए फैलती है। उसने यह भी कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए सरकार महिलाओं को सिर मुंडवाने पर आर्थिक सहायता दे रही है।

कथित योजना के तहत महिलाओं को ₹15,000, छात्राओं को ₹45,000 और एक लैपटॉप, जबकि पुरुषों को ₹6,000 मिलने का दावा किया गया। हालांकि, बाद में यह जानकारी पूरी तरह फर्जी निकली।

'सिर्फ 18 लोगों को मिलेगा लाभ' कहकर बनाया दबाव

ठग ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए यह भी कहा कि पूरे गांव के लिए केवल 18 लोगों का चयन किया जाएगा और अगले दिन सरकारी अधिकारी गांव में सहायता राशि लेकर पहुंचेंगे।

सीमित लाभार्थियों की बात सुनकर गांव में यह सूचना तेजी से फैल गई। कई लोगों ने इसे वास्तविक सरकारी योजना मान लिया और जल्दबाजी में निर्णय लेने लगे।

तीन महिलाओं ने मुंडवा लिया सिर

रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव के करीब 20 लोग सिर मुंडवाने की तैयारी कर रहे थे। इनमें तीन महिलाओं ने बिना देर किए अपने बाल मुंडवा लिए। उन्हें विश्वास था कि अगले दिन सरकारी अधिकारी आएंगे और वादा की गई आर्थिक सहायता देंगे।

लेकिन तय समय पर न कोई अधिकारी गांव पहुंचा और न ही कोई भुगतान हुआ। जब संबंधित नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, तो फोन बंद मिला। इसके बाद लोगों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं। यह जानकारी मिलने के बाद बाकी लोगों ने अपना फैसला बदल दिया।

पुलिस कर रही है जांच

मामले की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कॉल किसने किया, उसका उद्देश्य क्या था और कॉल करने वाले के पास ग्रामीणों तथा उनके परिवार से जुड़ी जानकारी कैसे पहुंची।

जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना

घटना सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने महिलाओं के साथ हुई ठगी पर चिंता जताई, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे जागरूकता की कमी और बिना पुष्टि के सरकारी योजनाओं पर भरोसा करने का परिणाम बताया।

वहीं कई लोगों ने प्रशासन से ऐसे फर्जी कॉल और साइबर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

फर्जी सरकारी योजनाओं से कैसे बचें?

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है—

  • किसी भी सरकारी योजना की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या सरकारी कार्यालय से ही सत्यापित करें।

  • फोन पर मिलने वाले लालच या इनाम के दावों पर तुरंत भरोसा न करें।

  • जल्दबाजी में कोई फैसला न लें, चाहे सामने वाला खुद को सरकारी अधिकारी ही क्यों न बताए।

  • यदि कोई संदिग्ध कॉल आए, तो उसकी सूचना स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।

  • अपनी व्यक्तिगत जानकारी अज्ञात लोगों के साथ साझा करने से बचें।

इस तरह के मामलों से यह स्पष्ट होता है कि साइबर ठग अब केवल पैसों की ठगी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों की भावनाओं और भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए किसी भी असामान्य दावे या सरकारी योजना पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

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