Skin Care Tips: उम्र कम हैं फिर भी चेहरे पर झाइयां आ गई, जानिए इन्हें कैसे कम करें
दोस्तो दुनिया का हर इंसान खूबसूरत दिखना चाहता हैं, लेकिन वायु प्रदूषण, कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का यूज कम उम्र में चेहरे पर झाइयां ला देता हैं, पिगमेंटेशन को ठीक करने के लिए सिर्फ क्रीम लगाना काफी नहीं है। धूप से बचाव, स्किनकेयर रूटीन का नियमित पालन और अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार सही प्रोडक्ट्स का चुनाव करना भी उतना ही जरूरी है। आइए जानते हैं पिगमेंटेशन कम करने के तैरीकों के बारे में
1. रोज सनस्क्रीन लगाएं
धूप के संपर्क में आने से शरीर में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे पहले से मौजूद पिगमेंटेशन और गहरे हो सकते हैं। झाइयों और काले धब्बों को कम करने के लिए रोज 'ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 50' सनस्क्रीन लगाना एक बहुत जरूरी कदम है।

घर से बाहर निकलने से पहले अपने चेहरे और गर्दन पर सनस्क्रीन लगाएं।
अगर आप बाहर हैं, तो लगभग हर दो घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाएं। पसीना आने या स्विमिंग करने के बाद इसे और भी जल्दी-जल्दी लगाना चाहिए।
तेज धूप में बाहर जाते समय टोपी, छाते या अन्य बचाव के तरीकों का इस्तेमाल करें।
ध्यान रखें कि खिड़कियों के जरिए आने वाली धूप भी पिगमेंटेशन का कारण बन सकती है।
धूप से लगातार बचाव करने से मौजूदा धब्बों को और गहरा होने से रोका जा सकता है, और धूप की वजह से होने वाले नए पिगमेंटेशन को भी कम किया जा सकता है।
2. बहुत ज्यादा गर्मी से बचें
पिगमेंटेशन को बढ़ाने के लिए सिर्फ धूप ही जिम्मेदार नहीं है। कुछ लोगों में, बहुत ज्यादा गर्मी के संपर्क में आने से भी पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ सकती है, खासकर 'मेलास्मा' (melasma) के मामले में।
3. सही क्रीम और सीरम चुनें
स्किनकेयर में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास तत्व त्वचा के असमान रंग (uneven skin tone) को सुधारने और काले धब्बों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
इनमें शामिल हैं:
कोजिक एसिड (Kojic acid): यह मेलेनिन के उत्पादन को प्रभावित करके पिगमेंटेशन को कम करने में मदद करता है।
अल्फा अर्बुटिन (Alpha arbutin): यह कुछ तरह के काले धब्बों को हल्का करने में मददगार हो सकता है।
एज़ेलिक एसिड (Azelaic acid): यह पिगमेंटेशन से जुड़ी कुछ समस्याओं और मुहांसों के बाद रह जाने वाले निशानों को सुधार सकता है।
ट्रानेक्सैमिक एसिड (Tranexamic acid): इसका इस्तेमाल आमतौर पर मेलास्मा जैसी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है।
नियासिनामाइड (Niacinamide): यह स्किन बैरियर को सपोर्ट करता है और अनईवन स्किन टोन (त्वचा के असमान रंग) को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

4. अपने चेहरे को जोर से न रगड़ें
चेहरे को बार-बार रगड़ने से झाइयां (freckles) या पिगमेंटेशन दूर नहीं होते। असल में, ज्यादा रगड़ने से त्वचा में जलन और सूजन हो सकती है, जिससे डार्क स्पॉट्स और भी ज्यादा साफ दिखने लग सकते हैं।
एक माइल्ड (हल्के) क्लींजर का इस्तेमाल करें और बहुत तेज असर वाले एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स से बचें। ग्लाइकोलिक एसिड और लैक्टिक एसिड जैसे इंग्रीडिएंट्स त्वचा को एक्सफोलिएट करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल सावधानी से और अपनी त्वचा की सहनशक्ति के अनुसार ही करना चाहिए।
5. एक रेगुलर स्किनकेयर रूटीन अपनाएं
पिगमेंटेशन को ठीक होने में आमतौर पर समय लगता है। बार-बार प्रोडक्ट्स बदलने या बहुत सारे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स को एक साथ इस्तेमाल करने से त्वचा में जलन हो सकती है और समस्या और भी बढ़ सकती है।
एक आसान डेली रूटीन में ये चीजें शामिल हो सकती हैं:
सुबह:
माइल्ड क्लींजर
मॉइस्चराइजर
ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 50 सनस्क्रीन
रात:
माइल्ड क्लींजर
मॉइस्चराइजर
जरूरत पड़ने पर, पिगमेंटेशन के लिए कोई सही ट्रीटमेंट
किसी भी नए प्रोडक्ट को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले हमेशा पैच-टेस्ट जरूर करें। तुरंत नतीजों की उम्मीद करने के बजाय, अपने रूटीन को असर दिखाने के लिए पर्याप्त समय दें।
