Parenting Tips- बच्चे के साथ भूलकर भी ने करें दूसरों के सामने ये गलतियां, आइए जानें इनके बारे में

 
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दोस्तो बच्चे एक खाली किताब होते हैं, वो जैसा देखते, जैसा सुनते हैं, वैसा व्यवहार करते हैं, शायद यह ही वजह हैं कि अक्सर कहां जाता हैं कि आप बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करें, घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे माहौल में बच्चों को भी लोगों से मिलने-जुलने का मौका मिलता है, जिससे उनकी सोशल स्किल्स और भावनात्मक विकास बेहतर हो सकता है। लेकिन कई बार माता-पिता या रिश्तेदार अनजाने में ऐसी बातें या व्यवहार कर देते हैं, जिससे बच्चा असहज, शर्मिंदा या असुरक्षित महसूस कर सकता है। आइए जानते है बच्चों के साथ कैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए-

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1. बच्चे को किसी खास नाम या व्यवहार से लेबल न करें

मेहमानों के सामने अक्सर माता-पिता या रिश्तेदार कहते हैं—“यह तो बहुत शर्मीला है”, “बहुत शरारती है” या “हर समय रोता रहता है।” ऐसी बातें मजाक में कही गई हों, फिर भी बच्चा उन्हें गंभीरता से ले सकता है।

2. बच्चे की शारीरिक सीमाओं का सम्मान करें

किसी मेहमान के आने पर बच्चे से जबरदस्ती बात करवाना, किसी की गोद में भेजना या गले मिलने और किस करने के लिए मजबूर करना सही नहीं है।

3. बच्चे को मेहमानों के सामने प्रदर्शन करने के लिए मजबूर न करें

बेटा, कविता सुनाओ”, “पहाड़े सुनाओ”, “डांस करके दिखाओ” या “गाना गाकर सुनाओ”—ऐसी बातें भारतीय परिवारों में आम हैं। लेकिन हर बच्चा लोगों के सामने प्रदर्शन करने में सहज नहीं होता।

4. बच्चे का मजाक उड़ाने वालों को न रोकना भी गलती है

अगर कोई व्यक्ति बच्चे के रंग-रूप, पढ़ाई, बोलने के तरीके, आदतों या व्यक्तित्व को लेकर मजाक करता है, तो उसे नजरअंदाज न करें।

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5. बच्चों की तुलना करने से बचें

देखो, उसके नंबर तुमसे ज्यादा हैं”, “उसकी ड्रॉइंग तुमसे अच्छी है” या “तुम्हारा भाई तुमसे ज्यादा समझदार है”—इस तरह की तुलना बच्चों के मन में हीनभावना और नकारात्मक प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकती है। हर बच्चे की अपनी क्षमता, रुचि और सीखने की गति होती है। इसलिए दूसरे बच्चों से तुलना करने के बजाय उसके प्रयास और व्यक्तिगत सुधार की सराहना करें।