Offbeat: द्रौपदी ने युधिष्ठिर को कभी नहीं माना था अपना पति? ये थी वो बड़ी वजह, अन्य पांडवों के लिए महसूस करती थी ऐसा

 
Offbeat: द्रौपदी ने युधिष्ठिर को कभी नहीं माना था अपना पति? ये थी वो बड़ी वजह, अन्य पांडवों के लिए महसूस करती थी ऐसा

pc: indianews

महाभारत में द्रौपदी का किरदार सबसे अहम किरदार है। बहुत से लोग उन्हें युद्ध का सबसे बड़ा कारण मानते हैं। द्रौपदी का अपने पांचों पतियों से खास रिश्ता था। वह पांडवों में सबसे ज्यादा प्यार अर्जुन से करती थी। लेकिन आपको इस बारे में जानकारी नहीं होगी कि द्रौपदी का युधिष्ठिर के साथ सिर्फ पति-पत्नी का रिश्ता नहीं था बल्कि द्रौपदी धर्मराज युधिष्ठिर का बहुत सम्मान करती थी। वह पांचो पांडवों में सबसे बड़े थे। द्रौपदी ने हमेशा युधिष्ठिर को अपना मार्गदर्शक माना और उन्हें अपना गुरु और अभिभावक माना।

अर्जुन ने द्रौपदी को स्वयंवर में जीता

युधिष्ठिर पांडवों में सबसे बड़े भाई थे और धर्म और सत्य का पालन करने के लिए जाने जाते थे। द्रौपदी का अपने अन्य पतियों के साथ भी खास रिश्ता था। वह भीम को अपना अभिभावक और नकुल-सहदेव को अपना मित्र मानती थी। अर्जुन ने द्रौपदी को स्वयंवर में जीता था और यही कारण था कि द्रौपदी का अर्जुन को लेकर विशेष स्नेह था। वह उसे अपना जीवन साथी मानती थी।

युधिष्ठिर में देखती थी जीवन साथी

इसके अलावा जब कीचक का वध हुआ, तब उसने युधिष्ठिर को ही अपना पति बताया और वहां भी उसने बाकी चार भाइयों के बारे में बात की, लेकिन उसने कभी नहीं कहा कि वे चारों उसके पति हैं। इसके अलावा अर्जुन की पहले से ही एक पत्नी थी, पराक्रमी भीम की भी पहले से ही एक पत्नी थी, तो आपको क्या लगता है कि एक महिला उस पुरुष को आसानी से स्वीकार करेगी जिसकी पहले से ही एक पत्नी है।

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