Offbeat: घटोत्कच की मौत पर खिलखिलाकर क्यों हंसने लगे थे श्रीकृष्ण? जबकि वह पांडवों की तरफ से ही लड़ रहा था

 
Offbeat: घटोत्कच की मौत पर खिलखिलाकर क्यों हंसने लगे थे श्रीकृष्ण? जबकि वह पांडवों की तरफ से ही लड़ रहा था

pc: india

महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण पांडवों की तरह थे लेकिन युद्ध में उन्होंने कोई भी हथियार हाथ में नहीं उठाया। वे अर्जुन के सारथी बने थे।

युद्ध में एक ऐसा पल भी आया जब पांडवों की सेना में से एक योद्धा की मौत हुई इस पर कृष्ण हंसने लगे। वह योद्धा कोई और नहीं बल्कि भीम और हिडिंबा का बेटा घटोत्कच था।

घटोत्कच बेहद ही ताकतवार था और उसने कौरवों की सेना को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया था। तब दुर्योधन ने कर्ण से घटोत्कच को मारने के लिए सहयोग माँगा। कर्ण ने उस पर दिव्यास्त्र से प्रहार किया जो उन्होंने अर्जुन को मारने के लिए रखा था।

पहले कर्ण अपने दिव्यास्त्र का प्रयोग नहीं करना चाहते थे क्योकि वे इस से अर्जुन को मारना चाहते थे। लेकिन दुर्योधन ने कहा कि जब हम सब उसके हाथों मारे जाएंगे फिर अर्जुन को मारकर ही क्या फायदा होगा। इसलिए कर्ण ने इंद्र के इस दिव्यास्त्र का प्रयोग किया।

घटोत्कच के मरने के बाद भगवान कृष्ण हंसने लगे जिसे देख कर भीम क्रोधित हुआ क्योकिं वह भीम का ही पुत्र था। भीम ने कृष्ण से पूछा मेरे पुत्र की मौत पर तुम क्यों हंस रहे हो केशव? तुम्हें तनिक भी खेद नहीं?

तब भगवान कृष्ण ने कहा कि मैं इसलिए हंस रहा था कि घटोत्कच ने अर्जुन को बचा लिया। उन्होंने बताया कि कर्ण के पास इंद्र की दिव्य शक्ति थी, इसलिए उसे कोई हरा नहीं सकता था और वो इस दिव्यास्त्र का प्रयोग अर्जुन को मारने के लिए करता लेकिन अब अर्जुन को उससे कोई खतरा नहीं है।


डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. Journalindia.com इसकी पुष्टि नहीं करता

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