Momos Red Chutney: मोमोज की लाल चटनी के हैं दीवाने? ज्यादा खाने से पहले जान लें सेहत से जुड़े ये खतरे

 
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मोमोज के साथ मिलने वाली तीखी लाल चटनी कई लोगों की फेवरेट होती है। लाल मिर्च, टमाटर, लहसुन और मसालों से तैयार होने वाली यह चटनी मोमोज का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। लेकिन हाल में कानपुर में करीब 115 किलो लाल मोमो चटनी को नष्ट किए जाने की घटना के बाद इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई के दौरान करीब 115 किलो चटनी को नष्ट कराया गया था। इसका मतलब यह नहीं है कि हर मोमो की लाल चटनी सेहत के लिए खतरनाक है। चिंता मुख्य रूप से खराब गुणवत्ता, अस्वच्छ तरीके से तैयार या स्टोर की गई और नियमों के खिलाफ मिलावट वाली चटनी को लेकर है।

मोमोज की लाल चटनी में आमतौर पर क्या डाला जाता है?

परंपरागत तरीके से मोमोज की लाल चटनी तैयार करने में सूखी लाल मिर्च, टमाटर, लहसुन, अदरक, नमक और सिरका या नींबू जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कुछ रेसिपी में स्वाद बढ़ाने के लिए सोया सॉस और दूसरे मसाले भी डाले जाते हैं। अगर अच्छी सामग्री और साफ-सफाई के साथ चटनी बनाई गई हो तथा उसे सही तरीके से स्टोर किया गया हो तो केवल उसका लाल या तीखा होना उसे अपने आप नुकसानदायक नहीं बनाता।

समस्या तब पैदा होती है जब चटनी को ज्यादा आकर्षक दिखाने, लंबे समय तक रखने या कम लागत में अधिक मात्रा तैयार करने के लिए घटिया सामग्री या नियमों के खिलाफ पदार्थ इस्तेमाल किए जाएं।

बहुत ज्यादा चमकीला लाल रंग देखकर रहें सावधान

स्ट्रीट फूड के साथ मिलने वाली कुछ चटनियों का रंग असामान्य रूप से गहरा और चमकीला लाल दिखाई देता है। ऐसा रंग सिर्फ लाल मिर्च और टमाटर से भी आ सकता है, इसलिए रंग देखकर मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती।

हालांकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कृत्रिम या नियमों के खिलाफ रंगों के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसलिए बहुत ज्यादा असामान्य रंग, खराब गंध या संदिग्ध स्वाद वाली खुली चटनी को खाने से बचना समझदारी है।

यह भी ध्यान रखें कि किसी चटनी में मिलावट है या नहीं, इसकी निश्चित पुष्टि केवल लैब जांच से ही की जा सकती है।

खराब हाइजीन हो सकती है बड़ी समस्या

स्ट्रीट फूड की चटनी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जोखिम उसकी तैयारी और स्टोरेज का तरीका है।

अगर चटनी लंबे समय तक कमरे के तापमान पर खुली रखी जाती है, बार-बार उसमें गंदा चम्मच डाला जाता है या उसे तैयार करने में दूषित पानी और खराब सामग्री इस्तेमाल होती है तो उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव पनपने का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसी चटनी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या हो सकती है। पेट दर्द, दस्त, उल्टी और मतली जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

खासतौर पर गर्म मौसम में तैयार चटनी को लंबे समय तक गलत तापमान पर रखना जोखिम बढ़ा सकता है।

ज्यादा तीखी चटनी भी कर सकती है परेशान

चटनी सुरक्षित और ताजी हो, तब भी बहुत ज्यादा मात्रा में तीखी लाल चटनी खाना हर किसी के लिए आरामदायक नहीं होता।

अधिक मिर्च वाला खाना कुछ लोगों में पेट में जलन, एसिडिटी या सीने में जलन जैसी परेशानी बढ़ा सकता है। जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स या पेट से जुड़ी समस्या रहती है, उन्हें अपनी सहनशीलता के अनुसार मात्रा सीमित रखनी चाहिए।

हालांकि केवल मिर्च खाने को गंभीर बीमारी का सीधा कारण बताना सही नहीं होगा। इसका असर व्यक्ति और खाई गई मात्रा के अनुसार अलग हो सकता है।

MSG को लेकर क्या है सच?

मोमोज और उसकी चटनी की चर्चा में MSG यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट का नाम अक्सर लिया जाता है। लेकिन केवल MSG मौजूद होने का मतलब यह नहीं है कि कोई खाद्य पदार्थ जहरीला या खाने लायक नहीं है।

खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले additives के लिए भारत में FSSAI के नियम और निर्धारित सीमाएं होती हैं। इसलिए किसी खास चटनी में कौन-सा additive और कितनी मात्रा में मौजूद है, यह जाने बिना उसे नुकसानदायक घोषित करना उचित नहीं होगा।

असली चिंता अनधिकृत पदार्थों, निर्धारित सीमा से ज्यादा इस्तेमाल, खराब गुणवत्ता और अस्वच्छ तैयारी को लेकर होनी चाहिए।

लाल चटनी खाते समय इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

बाहर मोमोज खाते समय चटनी की गुणवत्ता को लेकर कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।

अगर चटनी से खराब या असामान्य गंध आ रही हो, उसमें फफूंद दिखाई दे रही हो, उसका स्वाद सामान्य से बिल्कुल अलग हो या वह लंबे समय से खुले बर्तन में रखी दिखाई दे तो उसे न खाना बेहतर है।

सिर्फ इन संकेतों से मिलावट साबित नहीं होती, लेकिन ये खराब गुणवत्ता या गलत स्टोरेज की तरफ इशारा कर सकते हैं।

कानपुर में क्यों नष्ट की गई थी 115 किलो चटनी?

कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान करीब 115 किलो लाल मोमो चटनी नष्ट किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। कार्रवाई के बाद यह मामला चर्चा में आया और स्ट्रीट फूड के साथ मिलने वाली खुली चटनियों की गुणवत्ता को लेकर लोगों का ध्यान गया।

इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाइयों में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे मोमोज और रंग वाली चटनी मिलने के मामले सामने आए हैं।

हालांकि किसी एक जगह खराब चटनी मिलने के आधार पर यह कहना गलत होगा कि बाजार में मिलने वाली हर लाल मोमो चटनी असुरक्षित है।

घर पर बनाएं लाल मोमो चटनी

अगर आपको मोमोज के साथ लाल चटनी बहुत पसंद है तो इसे घर पर तैयार करना एक आसान विकल्प है।

सूखी लाल मिर्च को गर्म पानी में कुछ देर भिगो दें। टमाटर को हल्का उबाल लें। अब टमाटर, लाल मिर्च, लहसुन, थोड़ा अदरक, नमक और जरूरत के अनुसार सिरका या नींबू का रस डालकर पीस लें।

आप अपनी पसंद के अनुसार मिर्च की मात्रा कम-ज्यादा कर सकते हैं। घर में चटनी तैयार करने का फायदा यह है कि इस्तेमाल होने वाली सामग्री और साफ-सफाई आपके नियंत्रण में रहती है।

मोमोज खाते समय रखें इन बातों का ध्यान

सिर्फ चटनी ही नहीं, मोमोज खरीदते समय भी साफ-सफाई देखना जरूरी है। ऐसे स्टॉल या दुकान से खाना लेना बेहतर है जहां खाना ढककर रखा गया हो, बर्तन साफ हों और तैयार सामग्री सही तरीके से स्टोर की गई हो।

लाल चटनी अपने आप में 'खतरनाक' नहीं है। असली खतरा तब हो सकता है जब उसमें नियमों के खिलाफ मिलावट हो, दूषित सामग्री इस्तेमाल की गई हो या उसे अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार और स्टोर किया गया हो।

इसलिए अगली बार मोमोज के साथ एक्स्ट्रा लाल चटनी मांगने से पहले उसकी ताजगी और हाइजीन पर भी ध्यान दें। स्वाद के साथ खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखना ज्यादा जरूरी है।

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