लाल चंदन के एक किलो की कीमत होती है इतनी, करोड़ों का है कारोबार, क्लिक कर जानें यहाँ
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पुष्पा 2 फिल्म हिंदी बॉक्स ऑफिस की सबसे बड़ी फिल्म बन गई है और जमकर कमाई कर रही है। फिल्म की कहानी लाल चंदन की तस्करी से जुडी है। जिसे ‘पुष्पा’ से जुड़ा सिंडीकेट चलाता है। लेकिन आपके मन में ये सवाल जरूर आया होगा कि लाल चंदन में ऐसा क्या है, इसकी एक किलो की कीमत कितनी है और ये कारोबार कितना बड़ा है, आइए जानते हैं…
लाल चंदन में खुशबू नहीं होती
लाल चंदन में सफेद या पीले चंदन की तरह खुशबू नहीं होती। इसे काट कर रेत पर घिसने से हल्की गंध आती है। फिर भी इसकी कीमतें आसमान छूती नजर आती हैं। आंध्र प्रदेश के तिरुपति और कडप्पा की पहाड़ियों में फैले शेषाचलम जंगल में लाल चंदन मिलता है जिसे सोने जैसा महंगा माना जाता है। इस लकड़ी की डिमांड विदेशों में है।
इसके निर्यात पर है बैन
लाल चंदन को पहलेचीन के अलावा जापान, सिंगापुर और यूएई में भेजा जाता था। हालांकि विदेश व्यापार नीति के अनुसार भारत से लाल चंदन का निर्यात प्रतिबंधित है, लेकिन विदेश में हाई डिमांड के कारण इसकी तस्करी होती है। इसका उपयोग ब्यूटी, पारंपरिक औषधीय प्रोडक्ट्स और हाई क्वालिटी के फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट आदि में उपयोग किया जाता है। लेकिन इनकी बढ़ती डिमांड के कारण इनकी संख्या बेहद ही कम हो गई है। जानकारी के अनुसार पिछले कुछ साल में लाल चंदन के पेड़ों की संख्या लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है।
कितनी होती है कीमत?
लाल चंदन का पेड़ लगभग 20-25 साल में तैयार होता है। यह भारतीय बाजार में लगभग 20-25 हजार रुपये प्रति किलो में उपलब्ध है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साल 2016 से लेकर 2020 तक भारत से लगभग 20,000 टन लाल चंदन की तस्करी की गई। अभी कुछ समय पहले चेन्नई-कोलकाता हाईवे पर पुलिस ने गुंटूर के पास रेड सैंडर्स की लकड़ियां बरामद कीं, जिनकी कीमत 3.5 करोड़ रुपये थी।
