Health Tips- देश में तेजी से बढ़ रहा स्वाइन फ्लू, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव
दोस्तो देश में एक बार फिर स्वाइन फ्लू तेजी से बढ़ रहा हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है, इसी संदर्भ में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर देशभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। ऐसे में इसके फैलने के तरीके, बचाव और गंभीर लक्षणों की जानकारी होना जरूरी है।

स्वाइन फ्लू कैसे फैलता है?
संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बोलने या सांस लेने से निकलने वाली छोटी बूंदों के जरिए वायरस दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है।
ध्यान रखें कि संक्रमित व्यक्ति लक्षण दिखाई देने से करीब एक दिन पहले भी वायरस फैला सकता है। बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में संक्रमण फैलाने की अवधि अधिक हो सकती है। स्वाइन फ्लू पोर्क खाने से नहीं फैलता।
H1N1 से बचने के आसान उपाय
साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें।
बार-बार आंख, नाक और मुंह छूने से बचें।
घर और आसपास बार-बार छुई जाने वाली सतहों को साफ रखें।
फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें।
खुद में फ्लू के लक्षण हों तो घर पर रहें और दूसरों के संपर्क को सीमित करें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार फ्लू वैक्सीन लगवाना H1N1 समेत इन्फ्लूएंजा संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।

किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार चक्कर आना, शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक कमजोरी या तेज मांसपेशियों का दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग या अन्य पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करने में देरी नहीं करनी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान भी फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बच्चों में सांस लेने में परेशानी, त्वचा का पीला या नीला पड़ना, डिहाइड्रेशन या तेज दर्द जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
