Health Tips- आपकी जीभ बताती आपकी सेहत के बारे में, जानिए खराब ओरल हेल्थ कितनी हो सकती है गंभीर

 
Health Tips- आपकी जीभ बताती आपकी सेहत के बारे में, जानिए खराब ओरल हेल्थ कितनी हो सकती है गंभीर दोस्तो अगर हम हाल ही के वर्षों की बात करें तो दिल की बीमारियों से न केवल बुजुर्गों कि बल्कि युवाओं की भी जान गई हैं, खराब खान-पान, तनाव और शारीरिक रूप से निष्क्रिय जीवनशैली जैसे कारक दिल के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, लेकिन मुंह की खराब साफ-सफाई (ओरल हाइजीन) भी एक ऐसा पहलू है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मुंह में होने वाले संक्रमण से बैक्टीरिया खून में प्रवेश कर सकते हैं और कुछ मामलों में दिल को प्रभावित कर सकते हैं।  आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स क्या जीभ सीधे दिल से जुड़ी होती है? शारीरिक संरचना (एनाटॉमी) के स्तर पर जीभ और दिल के बीच कोई सीधा संबंध नहीं होता है। कुछ नसें और जैविक प्रक्रियाएं शरीर के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ती हैं।  मुख्य चिंता मुंह के बैक्टीरिया के फैलने की है। यदि किसी संक्रमित दांत या मसूड़े से बैक्टीरिया खून में चले जाएं, तो वे दिल की अंदरूनी परत या वाल्व तक पहुंच सकते हैं। इससे 'इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस' (infective endocarditis) जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। जिन लोगों को पहले से ही दिल से जुड़ी कोई बीमारी है, उनके लिए यह खतरा और भी अधिक हो सकता है। मुंह का स्वास्थ्य, दिल के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है? मुंह के बैक्टीरिया और दिल से जुड़ी बीमारियों के बीच संबंध पाए गए हैं। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि 'कंजेस्टिव हार्ट फेलियर' (congestive heart failure) से पीड़ित लोगों और स्वस्थ व्यक्तियों की जीभ पर मौजूद बैक्टीरिया में अंतर होता है। इन निष्कर्षों से यह साबित नहीं होता कि हर मामले में मुंह का संक्रमण सीधे तौर पर दिल की बीमारी का कारण बनता है। मुंह की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जरूरी टिप्स: - दिन में दो बार ब्रश करें: हर बार कम से कम दो मिनट तक अपने दांतों और मसूड़ों को अच्छी तरह साफ करें। - अपनी जीभ साफ करें: टंग क्लीनर या टूथब्रश का उपयोग करके जीभ पर जमा गंदगी और बैक्टीरिया को हटा दें। - रोजाना फ्लॉस करें: दांतों के बीच फंसे भोजन के कणों को निकालने के लिए फ्लॉस का इस्तेमाल करें। - ज़रूरत पड़ने पर माउथवॉश का इस्तेमाल करें: अपने डेंटिस्ट की सलाह के अनुसार सही प्रोडक्ट चुनें। - अपना टूथब्रश बदलें: इसे लगभग हर तीन महीने में बदलें, या अगर इसके ब्रिसल्स (रेशे) खराब हो जाएं तो उससे पहले ही बदल लें। - नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाएं: प्लाक, कैविटी, मसूड़ों में सूजन, खून आना, लगातार मुंह से बदबू आना या दांतों में सेंसिटिविटी (झनझनाहट) होने पर डेंटिस्ट से सलाह लें।

दोस्तो अगर हम हाल ही के वर्षों की बात करें तो दिल की बीमारियों से न केवल बुजुर्गों कि बल्कि युवाओं की भी जान गई हैं, खराब खान-पान, तनाव और शारीरिक रूप से निष्क्रिय जीवनशैली जैसे कारक दिल के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, लेकिन मुंह की खराब साफ-सफाई (ओरल हाइजीन) भी एक ऐसा पहलू है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। मुंह में होने वाले संक्रमण से बैक्टीरिया खून में प्रवेश कर सकते हैं और कुछ मामलों में दिल को प्रभावित कर सकते हैं।  आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

Health Tips- आपकी जीभ बताती आपकी सेहत के बारे में, जानिए खराब ओरल हेल्थ कितनी हो सकती है गंभीर

क्या जीभ सीधे दिल से जुड़ी होती है?

शारीरिक संरचना (एनाटॉमी) के स्तर पर जीभ और दिल के बीच कोई सीधा संबंध नहीं होता है। कुछ नसें और जैविक प्रक्रियाएं शरीर के विभिन्न हिस्सों को आपस में जोड़ती हैं।

मुख्य चिंता मुंह के बैक्टीरिया के फैलने की है। यदि किसी संक्रमित दांत या मसूड़े से बैक्टीरिया खून में चले जाएं, तो वे दिल की अंदरूनी परत या वाल्व तक पहुंच सकते हैं। इससे 'इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस' (infective endocarditis) जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। जिन लोगों को पहले से ही दिल से जुड़ी कोई बीमारी है, उनके लिए यह खतरा और भी अधिक हो सकता है।

मुंह का स्वास्थ्य, दिल के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

मुंह के बैक्टीरिया और दिल से जुड़ी बीमारियों के बीच संबंध पाए गए हैं। अध्ययनों से यह भी पता चला है कि 'कंजेस्टिव हार्ट फेलियर' (congestive heart failure) से पीड़ित लोगों और स्वस्थ व्यक्तियों की जीभ पर मौजूद बैक्टीरिया में अंतर होता है। इन निष्कर्षों से यह साबित नहीं होता कि हर मामले में मुंह का संक्रमण सीधे तौर पर दिल की बीमारी का कारण बनता है।

Health Tips- आपकी जीभ बताती आपकी सेहत के बारे में, जानिए खराब ओरल हेल्थ कितनी हो सकती है गंभीर

मुंह की साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जरूरी टिप्स:

- दिन में दो बार ब्रश करें: हर बार कम से कम दो मिनट तक अपने दांतों और मसूड़ों को अच्छी तरह साफ करें।

- अपनी जीभ साफ करें: टंग क्लीनर या टूथब्रश का उपयोग करके जीभ पर जमा गंदगी और बैक्टीरिया को हटा दें।

- रोजाना फ्लॉस करें: दांतों के बीच फंसे भोजन के कणों को निकालने के लिए फ्लॉस का इस्तेमाल करें। - ज़रूरत पड़ने पर माउथवॉश का इस्तेमाल करें: अपने डेंटिस्ट की सलाह के अनुसार सही प्रोडक्ट चुनें।

- अपना टूथब्रश बदलें: इसे लगभग हर तीन महीने में बदलें, या अगर इसके ब्रिसल्स (रेशे) खराब हो जाएं तो उससे पहले ही बदल लें।

- नियमित रूप से डेंटिस्ट के पास जाएं: प्लाक, कैविटी, मसूड़ों में सूजन, खून आना, लगातार मुंह से बदबू आना या दांतों में सेंसिटिविटी (झनझनाहट) होने पर डेंटिस्ट से सलाह लें।