Health Tips- रात को किन चीजों का सेवन करना चाहिए, जिससे सोते वक्त हार्ट अटैक न आएं

 
Health Tips- रात को किन चीजों का सेवन करना चाहिए, जिससे सोते वक्त हार्ट अटैक न आएं दोस्तो आज हम सब अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने खान पान, जीवनशैली पर ध्यान नहीं दे पाते हैं जिसका असर हमारे स्वास्थ्य पर होता हैं, हृदय स्वास्थ्य को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ी है। दिनभर फाइबर और पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार लेने वाले लोगों में गहरी नींद थोड़ी अधिक और रात के दौरान औसत हृदय गति कुछ कम देखी गई। केवल डाइट से हार्ट अटैक का खतरा खत्म नहीं होता। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान के साथ व्यायाम भी जरूरी हैं, आइए जानते हैं कैसे रखें अपने हार्ट का सही फाइबर और प्लांट-बेस्ड डाइट से नींद पर असर जिन लोगों के आहार में फाइबर और कम प्रोसेस्ड प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थ अधिक थे, उनमें नींद के कुछ बेहतर संकेत देखे गए। इन खाद्य पदार्थों में मुख्य रूप से शामिल हैं: दालें और बीन्स  हरी और अन्य रंग-बिरंगी सब्जियां  ताजे फल  बादाम और अखरोट जैसे नट्स  कम से कम प्रोसेस किए गए पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ  ऐसे खाद्य पदार्थ फाइबर के साथ-साथ कई अन्य प्राकृतिक पोषक तत्व और पौधों में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स भी प्रदान करते हैं। हाई-फाइबर डाइट का नींद पर क्या असर दिखा? शोध में अधिक फाइबर लेने वाले लोगों में लगभग 0.59 प्रतिशत अंक अधिक डीप स्लीप और करीब 0.76 प्रतिशत अंक अधिक REM स्लीप देखी गई। वहीं, हल्की नींद लगभग 1.35 प्रतिशत अंक कम थी। इसके अलावा, रात में औसत हार्ट रेट लगभग 1.14 बीट प्रति मिनट कम पाया गया। शोधकर्ताओं ने इसे रात के दौरान शरीर के आराम और रिकवरी से जुड़े संकेत के रूप में देखा। हालांकि, इन आंकड़ों को यह साबित करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए कि फाइबर सीधे तौर पर हार्ट अटैक को रोकता है। सोने से पहले ज्यादा खाना कितना सही? शोध में एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई। सोने से पहले के छह घंटों में अधिक कैलोरी लेने वाले लोगों ने कुल मिलाकर लगभग 7.7 मिनट ज्यादा नींद ली। लेकिन उनकी रात की औसत हृदय गति करीब 0.73 बीट प्रति मिनट अधिक थी। इसका मतलब यह नहीं है कि सोने से ठीक पहले भारी खाना फायदेमंद है। विशेषज्ञ आमतौर पर रात में बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और नींद में परेशानी हो सकती है। फाइटोकेमिकल से भरपूर डाइट का भी दिखा संबंध पौधों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स भी अध्ययन का हिस्सा थे। अधिक फाइटोकेमिकल सेवन करने वाले लोगों में लगभग 0.62 प्रतिशत अंक अधिक REM स्लीप और करीब 1 प्रतिशत अंक कम लाइट स्लीप देखी गई। उनकी रात की औसत हृदय गति भी लगभग 0.93 बीट प्रति मिनट कम थी। फाइटोकेमिकल्स फलों, सब्जियों, दालों, बीन्स, नट्स और अन्य पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कोई एक फल या सब्जी खाने से तुरंत हृदय रोग या नींद की समस्या का खतरा कम हो जाएगा। शोध मुख्य रूप से पूरे आहार के पैटर्न पर केंद्रित था। सिर्फ डिनर नहीं, पूरी दिनचर्या है महत्वपूर्ण हार्ट हेल्थ के लिए केवल रात के खाने में बदलाव करना पर्याप्त नहीं है। पूरे दिन का खान-पान और जीवनशैली महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन आदतों पर ध्यान देना चाहिए: फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें।  फल और सब्जियों का पर्याप्त सेवन करें।  दाल, बीन्स और नट्स जैसे कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ चुनें।  अत्यधिक प्रोसेस्ड और बहुत ज्यादा कैलोरी वाले भोजन को सीमित करें।  नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करें।  ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं।  ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।  तंबाकू और धूम्रपान से बचें।  वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें।  सोने से ठीक पहले बहुत भारी भोजन करने से बचें।

दोस्तो आज हम सब अपने जीवन में इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने खान पान, जीवनशैली पर ध्यान नहीं दे पाते हैं जिसका असर हमारे स्वास्थ्य पर होता हैं, हृदय स्वास्थ्य को लेकर भी लोगों में चिंता बढ़ी है। दिनभर फाइबर और पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार लेने वाले लोगों में गहरी नींद थोड़ी अधिक और रात के दौरान औसत हृदय गति कुछ कम देखी गई। केवल डाइट से हार्ट अटैक का खतरा खत्म नहीं होता। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान के साथ व्यायाम भी जरूरी हैं, आइए जानते हैं कैसे रखें अपने हार्ट का सही

Health Tips: What to consume at night to prevent a heart attack while sleeping.

फाइबर और प्लांट-बेस्ड डाइट से नींद पर असर

जिन लोगों के आहार में फाइबर और कम प्रोसेस्ड प्लांट-बेस्ड खाद्य पदार्थ अधिक थे, उनमें नींद के कुछ बेहतर संकेत देखे गए।

इन खाद्य पदार्थों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

दालें और बीन्स

हरी और अन्य रंग-बिरंगी सब्जियां

ताजे फल

बादाम और अखरोट जैसे नट्स

कम से कम प्रोसेस किए गए पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ

ऐसे खाद्य पदार्थ फाइबर के साथ-साथ कई अन्य प्राकृतिक पोषक तत्व और पौधों में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स भी प्रदान करते हैं।

हाई-फाइबर डाइट का नींद पर क्या असर दिखा?

शोध में अधिक फाइबर लेने वाले लोगों में लगभग 0.59 प्रतिशत अंक अधिक डीप स्लीप और करीब 0.76 प्रतिशत अंक अधिक REM स्लीप देखी गई। वहीं, हल्की नींद लगभग 1.35 प्रतिशत अंक कम थी।

इसके अलावा, रात में औसत हार्ट रेट लगभग 1.14 बीट प्रति मिनट कम पाया गया। शोधकर्ताओं ने इसे रात के दौरान शरीर के आराम और रिकवरी से जुड़े संकेत के रूप में देखा।

हालांकि, इन आंकड़ों को यह साबित करने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए कि फाइबर सीधे तौर पर हार्ट अटैक को रोकता है।

Health Tips: What to consume at night to prevent a heart attack while sleeping.

सोने से पहले ज्यादा खाना कितना सही?

शोध में एक दिलचस्प बात यह भी सामने आई। सोने से पहले के छह घंटों में अधिक कैलोरी लेने वाले लोगों ने कुल मिलाकर लगभग 7.7 मिनट ज्यादा नींद ली। लेकिन उनकी रात की औसत हृदय गति करीब 0.73 बीट प्रति मिनट अधिक थी।

इसका मतलब यह नहीं है कि सोने से ठीक पहले भारी खाना फायदेमंद है। विशेषज्ञ आमतौर पर रात में बहुत ज्यादा या भारी भोजन करने से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और नींद में परेशानी हो सकती है।

फाइटोकेमिकल से भरपूर डाइट का भी दिखा संबंध

पौधों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स भी अध्ययन का हिस्सा थे। अधिक फाइटोकेमिकल सेवन करने वाले लोगों में लगभग 0.62 प्रतिशत अंक अधिक REM स्लीप और करीब 1 प्रतिशत अंक कम लाइट स्लीप देखी गई।

उनकी रात की औसत हृदय गति भी लगभग 0.93 बीट प्रति मिनट कम थी।

फाइटोकेमिकल्स फलों, सब्जियों, दालों, बीन्स, नट्स और अन्य पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कोई एक फल या सब्जी खाने से तुरंत हृदय रोग या नींद की समस्या का खतरा कम हो जाएगा। शोध मुख्य रूप से पूरे आहार के पैटर्न पर केंद्रित था।

सिर्फ डिनर नहीं, पूरी दिनचर्या है महत्वपूर्ण

हार्ट हेल्थ के लिए केवल रात के खाने में बदलाव करना पर्याप्त नहीं है। पूरे दिन का खान-पान और जीवनशैली महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इन आदतों पर ध्यान देना चाहिए:

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें।

फल और सब्जियों का पर्याप्त सेवन करें।

दाल, बीन्स और नट्स जैसे कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ चुनें।

अत्यधिक प्रोसेस्ड और बहुत ज्यादा कैलोरी वाले भोजन को सीमित करें।

नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करें।

ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं।

ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें।

तंबाकू और धूम्रपान से बचें।

वजन को स्वस्थ सीमा में रखने की कोशिश करें।

सोने से ठीक पहले बहुत भारी भोजन करने से बचें।