Health Tips- बच्चा पाने के लिए क्या सही हैं स्पर्म काउंट या क्वालिटी, आइए जानें विशेषज्ञ से
दोस्तो आज के अधिकांश युवा बांझपन (infertility) की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसका कारण खराब खान पान और जीवनशैली हैं, बांझपन तब माना जाता है जब कोई जोड़ा बिना किसी गर्भनिरोधक (contraception) के कम से कम 12 महीने तक कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाता है। बहुत से लोग मानते हैं कि बांझपन मुख्य रूप से महिलाओं की समस्या है, लेकिन विशेषज्ञ इस बात पर ज़ोर देते हैं कि पुरुषों की फर्टिलिटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन जब पुरुषों की फर्टिलिटी की बात आती है, तो क्या अधिक महत्वपूर्ण है—स्पर्म काउंट या स्पर्म की गुणवत्ता (quality)-

स्पर्म काउंट और स्पर्म की गुणवत्ता में क्या अंतर है?
कई लोग मानते हैं कि सफल गर्भधारण के लिए केवल अधिक स्पर्म काउंट होना ही काफी है। हालांकि, फर्टिलिटी केवल स्पर्म की संख्या से कहीं अधिक चीज़ों पर निर्भर करती है।
स्पर्म काउंट: इसका मतलब है वीर्य (semen) के नमूने में मौजूद स्पर्म की कुल संख्या।
स्पर्म की गुणवत्ता: यह मापता है कि स्पर्म कितने स्वस्थ और कार्यशील हैं, जिसमें उनकी गतिशीलता, आकार और आनुवंशिक (genetic) स्वास्थ्य शामिल है।
एक स्वस्थ गर्भावस्था इन दोनों कारकों के एक साथ काम करने पर निर्भर करती है।
स्पर्म की गुणवत्ता क्यों समान रूप से महत्वपूर्ण है
गतिशीलता (Motility): अंडे तक पहुँचने के लिए स्पर्म को कुशलतापूर्वक तैरना चाहिए।
मॉर्फोलॉजी (Morphology): स्पर्म का आकार और संरचना सामान्य होनी चाहिए।
आनुवंशिक स्वास्थ्य (Genetic Health): स्वस्थ DNA सफल फर्टिलाइज़ेशन और भ्रूण के विकास की संभावनाओं को बेहतर बनाता है।
भले ही स्पर्म काउंट अधिक हो, लेकिन खराब गुणवत्ता वाले स्पर्म अंडे को फर्टिलाइज़ करने में संघर्ष कर सकते हैं।

क्या कम स्पर्म काउंट के साथ गर्भावस्था हो सकती है?
हाँ। डॉक्टर कहते हैं कि गर्भावस्था तब भी संभव है यदि:
स्पर्म स्वस्थ और सक्रिय हों।
उनकी गतिशीलता अच्छी हो।
उनका आकार और आनुवंशिक सामग्री सामान्य हो।
दूसरी ओर, बहुत अधिक स्पर्म काउंट भी काम नहीं आएगा यदि अधिकांश स्पर्म असामान्य हों या ठीक से तैरने में असमर्थ हों।
डॉक्टर पुरुषों की फर्टिलिटी का आकलन कैसे करते हैं
पुरुषों की फर्टिलिटी का आकलन केवल स्पर्म काउंट से नहीं किया जाता है। सीमेन एनालिसिस (वीर्य की जांच) में आमतौर पर ये चीजें देखी जाती हैं:
स्पर्म की कुल संख्या
स्पर्म की गतिशीलता (motility)
स्पर्म की बनावट (morphology)
सीमेन की मात्रा
स्पर्म की ओवरऑल हेल्थ
इससे पुरुष की प्रजनन क्षमता (reproductive health) की पूरी जानकारी मिलती है।
IVF में स्पर्म की ओवरऑल हेल्थ क्यों ज़रूरी है
इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (IVF) जैसे फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिए स्पर्म की क्वालिटी और भी ज़रूरी हो जाती है।
हेल्दी स्पर्म से ये फायदे हो सकते हैं:
सफल फर्टिलाइज़ेशन की संभावना बढ़ सकती है।
एम्ब्रियो (भ्रूण) की क्वालिटी बेहतर हो सकती है।
हेल्दी प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ सकती है।
फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के सफल होने की दर बढ़ सकती है।
