Health Tips- हार्ट अटैक vs कार्डियक अरेस्ट या हार्ट फेलियर के क्या होते हैं लक्षण, आइए जानें
दोस्तो युवाओं की खराब जीवनशैली और खान पान की वजह से इनमें दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया हैं, कम उम्र में ही युवाओं को हार्ट अटैक आ रहे हैं, हार्ट हेल्थ को लेकर एक आम भ्रम यह भी है कि Heart Attack, Cardiac Arrest और Heart Failure एक ही बीमारी हैं। वास्तव में तीनों अलग-अलग स्थितियां हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इनके बीच क्या अंतर है।

1. हार्ट अटैक क्या होता है?
हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय तक खून पहुंचाने वाली किसी धमनी में ब्लॉकेज हो जाती है। इसके कारण हृदय की मांसपेशियों के एक हिस्से को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।
हार्ट अटैक के दौरान आमतौर पर दिल धड़कता रहता है, लेकिन रक्त प्रवाह में रुकावट के कारण हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंच सकता है।
संभावित लक्षण:
सीने में दर्द, दबाव या भारीपन
सांस लेने में परेशानी
अत्यधिक पसीना आना
मतली या उल्टी
दर्द का हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक पहुंचना
अचानक बेचैनी या कमजोरी
ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
2. कार्डियक अरेस्ट क्या है?
Cardiac Arrest हार्ट अटैक से अलग स्थिति है। इसमें हृदय अचानक प्रभावी तरीके से रक्त पंप करना बंद कर देता है। व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है, प्रतिक्रिया देना बंद कर सकता है और सामान्य रूप से सांस लेना बंद कर सकता है।
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
ऐसी स्थिति में:
तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता बुलाएं।
यदि व्यक्ति सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा है तो CPR शुरू करें, यदि आपको इसका प्रशिक्षण है।
उपलब्ध होने पर AED (Automated External Defibrillator) का इस्तेमाल करें।
मेडिकल टीम के पहुंचने तक सहायता जारी रखें।
3. हार्ट फेलियर क्या होता है?
Heart Failure का मतलब यह नहीं है कि दिल पूरी तरह धड़कना बंद कर चुका है। इस स्थिति में हृदय कमजोर या कठोर हो सकता है और शरीर की जरूरत के मुताबिक पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता।
इसके लक्षण धीरे-धीरे या समय के साथ बढ़ सकते हैं, जैसे:
थोड़ी मेहनत में सांस फूलना
लगातार थकान महसूस होना
पैरों या टखनों में सूजन
शारीरिक गतिविधि करने में परेशानी
लेटने पर सांस लेने में दिक्कत
हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट और हार्ट फेलियर में मुख्य अंतर
Heart Attack: हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी में रुकावट।
Cardiac Arrest: हृदय की पंपिंग अचानक बंद हो जाना।
Heart Failure: हृदय का शरीर की जरूरत के अनुसार पर्याप्त रक्त पंप न कर पाना।
Cardiovascular Disease क्या है?
हृदय और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली बीमारियों को Cardiovascular Diseases (CVDs) कहा जाता है। इनमें केवल हार्ट अटैक ही शामिल नहीं है। स्ट्रोक, परिधीय धमनी रोग, जन्मजात हृदय संबंधी समस्याएं और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी अन्य स्थितियां भी इसके दायरे में आती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण हैं।
