Health Tips- किडनी में पथरी हैं या यूरिन इन्फेक्शन है, आइए जानते हैं दोनों में क्या है फर्क
दोस्तो हमारे शरीर का प्रत्येक अंग बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, जिसमें बात करें किडनी की तो ये शरीर से विषैले पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाती है। किडनी की सेहत खराब होने पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें किडनी स्टोन और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) प्रमुख हैं। दोनों स्थितियों में पेशाब करने में परेशानी और जलन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन दोनों में से क्या हैं इसमें अंतर कैसे करें आइए जानें-

किडनी स्टोन और UTI में कैसे करें अंतर?
दोनों समस्याओं के कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन दर्द की जगह और उसका स्वरूप महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।
किडनी स्टोन के प्रमुख लक्षण
अचानक और बेहद तेज दर्द होना, जिसे कोलिकी पेन कहा जाता है।
दर्द पीठ, कमर या पेट के आसपास महसूस हो सकता है।
पेशाब में खून आ सकता है।
पेशाब करने में परेशानी हो सकती है।
स्टोन के आकार, स्थिति और मूत्र मार्ग में उसकी जगह के अनुसार लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं।
केवल किडनी स्टोन होने पर आमतौर पर तेज बुखार नहीं होता।
किडनी स्टोन की जांच के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड के साथ ब्लड और यूरिन टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। यूरिन में क्रिस्टल तथा ब्लड में कैल्शियम या यूरिक एसिड का स्तर भी जांचा जा सकता है।
UTI के लक्षण कैसे होते हैं?
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में संक्रमण मूत्र मार्ग के अलग-अलग हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:

पेशाब करते समय जलन या दर्द।
बार-बार पेशाब लगना।
पेशाब करने में परेशानी।
मूत्र मार्ग के आसपास दर्द या असहजता।
निचले पेट में दर्द, खासकर ब्लैडर इंफेक्शन की स्थिति में।
यूरिन में बदलाव या कभी-कभी खून आना।
संक्रमण गंभीर होने पर तेज बुखार हो सकता है।
UTI की पुष्टि के लिए डॉक्टर रूटीन यूरिन टेस्ट या यूरिन कल्चर की सलाह दे सकते हैं।
किडनी इंफेक्शन में दर्द की पहचान
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर संक्रमण किडनी तक पहुंच गया है, तो पीठ के दोनों तरफ रीढ़ के आसपास दर्द और संवेदनशीलता हो सकती है। प्रभावित हिस्से को छूने या दबाने पर भी तेज दर्द महसूस हो सकता है।
इसके साथ तेज बुखार और शरीर की सामान्य स्थिति खराब होना गंभीर किडनी इंफेक्शन का संकेत हो सकता है।
कब स्थिति गंभीर हो सकती है?
किडनी इंफेक्शन गंभीर होने पर 102–104°F तक तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में संक्रमण के गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे मामलों में तत्काल चिकित्सकीय उपचार की जरूरत होती है। डॉक्टर स्थिति के अनुसार एंटीबायोटिक दवाएं और अन्य उपचार दे सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में किडनी के आसपास जमा पस को निकालने के लिए प्रक्रिया या सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए?
किडनी स्टोन या UTI के लक्षणों को देखकर खुद से एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेना उचित नहीं है। दोनों समस्याओं के कारण अलग हो सकते हैं और गलत उपचार से स्थिति बिगड़ सकती है।
अगर तेज दर्द, पेशाब में खून, पेशाब रुकना, तेज बुखार, ठंड लगना या पीठ के पास गंभीर दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
