Health Tips- क्या आपका भी रात को सोते समय हाथ सुन्न पड़ जाता हैं, जानिए इसका कारण
दोस्तो आपने कभी महसूस किया हैं कि आप सो कर उठे हैं और आपका हाथ सुन्न हो गया हैं और उंगलियों में झुनझुनी महसूस हो रही हैं, जिसके लिए आप राहत पाने के लिए बस अपने हाथों को हिलाते हैं या सोने की स्थिति (पोजीशन) बदल लेते हैं। कभी-कभार नसों पर अस्थायी दबाव पड़ने से ऐसा हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होती है या लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, आइए जानते हैं इसके अन्य कारण-

1. गलत स्थिति में सोना
हाथ सुन्न होने का सबसे आम कारण है—सोते समय हाथ को अपने सिर या शरीर के नीचे दबा लेना। इस स्थिति में नसों पर दबाव पड़ता है और उस हिस्से में रक्त का सामान्य प्रवाह अस्थायी रूप से रुक जाता है, जिससे हाथ सुन्न हो जाते हैं या उनमें झुनझुनी होने लगती है।
क्या करें?
सोते समय अपने शरीर का वजन अपने हाथों पर न पड़ने दें।
अगर आपको असहजता महसूस हो, तो सोने की स्थिति बदल लें।
अपने हाथों को आरामदेह और सहज स्थिति में रखें।
आमतौर पर, दबाव हटते ही ये लक्षण ठीक हो जाते हैं।
2. कार्पल टनल सिंड्रोम
कार्पल टनल सिंड्रोम तब होता है जब कलाई के पास 'मीडियन नर्व' (median nerve) दब जाती है। इसके कारण अक्सर अंगूठे, तर्जनी (पहली उंगली), मध्यमा (बीच की उंगली) और अनामिका (तीसरी उंगली) के कुछ हिस्से में सुन्नपन, झुनझुनी या दर्द महसूस होता है।
3. गर्दन में नसों पर दबाव
सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की रीढ़) से जुड़ी समस्याएं, जैसे कि डिस्क का खिसकना (slipped disc) या बाहर की ओर उभरना (bulging disc), उन नसों पर दबाव डाल सकती हैं जो गर्दन से हाथों तक जाती हैं।

इस वजह से एक हाथ या बांह में झुनझुनी, सुन्नपन, दर्द या कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर हाथ सुन्न होने के साथ-साथ गर्दन में भी दर्द है, तो यह नसों में जलन या परेशानी का एक और संकेत हो सकता है।
4. कोहनियों को मोड़कर सोना
सोते समय कोहनियों को लंबे समय तक बहुत ज्यादा मोड़कर रखने या उन पर दबाव डालने से 'अलनर नर्व' (ulnar nerve) दब सकती है। यह नस छोटी उंगली और अनामिका (तीसरी उंगली) के कुछ हिस्से में संवेदना (sensation) पहुंचाती है। परिणामस्वरूप, सोकर उठने पर आपको अपनी उंगलियों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो सकता है।
5. विटामिन B12 की कमी और डायबिटीज
स्वस्थ नसों को बनाए रखने के लिए विटामिन B12 बहुत ज़रूरी है। इसकी कमी से नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे हाथों और पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन या जलन महसूस हो सकती है।
डायबिटीज भी शरीर की नसों (पेरिफेरल नर्व्स) को नुकसान पहुँचा सकती है, जिससे ऐसे ही लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालाँकि ये समस्याएँ अक्सर सबसे पहले पैरों में होती हैं, लेकिन इनका असर हाथों पर भी पड़ सकता है।
