Health Tips- क्या आपको हैं गर्दन चटकाने की आदत, जानिए आपकी सेहत के लिए कितना हैं खतरनाक
दोस्तो हम सब जब थकान, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप चलाने और घंटों एक ही जगह बैठकर काम करते हैं तो गर्दन में अकड़न हो जाती हैं, ऐसे में कई लोग राहत पाने के लिए गर्दन को घुमाकर चटकाने लगते हैं। गर्दन से आने वाली ‘कड़क’ आवाज कई लोगों को सुकून देती है, लेकिन क्या सही हैं-

गर्दन चटकाने पर आवाज क्यों आती है?
गर्दन के जोड़ के अंदर दबाव में बदलाव या छोटे-छोटे गैस बुलबुले बनने के कारण चटकने जैसी आवाज आ सकती है।
अगर सामान्य गतिविधि के दौरान कभी-कभार गर्दन से आवाज आती है और इसके साथ दर्द, सूजन, सुन्नपन या कमजोरी जैसी समस्या नहीं है, तो आमतौर पर यह चिंता का विषय नहीं माना जाता।
बार-बार गर्दन चटकाना कब नुकसानदायक हो सकता है?
जानबूझकर गर्दन को बार-बार घुमाकर या तेज झटके से चटकाने की आदत से बचना चाहिए। लगातार ऐसा करने से गर्दन के आसपास की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
खासकर गर्दन को बहुत ज्यादा ताकत से मोड़ना जोखिम बढ़ा सकता है। बार-बार गर्दन चटकाने की इच्छा लंबे समय तक खराब पोश्चर, ज्यादा स्क्रीन टाइम या मांसपेशियों में खिंचाव की ओर भी इशारा कर सकती है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
लगातार या बढ़ता हुआ गर्दन का दर्द
हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन
हाथ-पैर में कमजोरी
चक्कर आना
तेज सिरदर्द
किसी चोट के बाद गर्दन में परेशानी

गर्दन की सेहत के लिए क्या करें?
गर्दन को बार-बार चटकाने के बजाय सही पोश्चर बनाए रखना ज्यादा बेहतर है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें और काम के बीच नियमित ब्रेक लें। गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग भी की जा सकती है, लेकिन इसे विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना बेहतर है।
