Health Tips- माइग्रेन के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, स्वास्थ्य पर होता हैं बुरा असर
दोस्तो माइग्रेन आज के युग में एक आम बिमारी बन गई हैं, जो आम सिरदर्द से ज्यादा गंभीर हैं, माइग्रेन के अटैक के कारण काम करने, पढ़ाई करने, सोने या रोज़मर्रा के सामान्य काम करने में मुश्किल हो सकती है। इसके लक्षण और उनकी गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है, ऐसे में माइग्रेन के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे में-

माइग्रेन के साथ कौन-कौन से लक्षण हो सकते हैं?
माइग्रेन में सिरदर्द के अलावा कई अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे:
सिर के एक तरफ़ तेज़ और धड़कन जैसा महसूस होने वाला सिरदर्द।
अटैक के दौरान जी मिचलाना और उल्टी होना।
रोशनी, तेज़ आवाज़, तेज़ गंध या छूने से परेशानी या संवेदनशीलता।
सिरदर्द शुरू होने से पहले मूड बदलना, बार-बार उबासी आना, कुछ खास खाने की इच्छा होना, गर्दन में अकड़न या बार-बार पेशाब आना।
अटैक के दौरान या बाद में थकान, कमज़ोरी या ध्यान लगाने में मुश्किल होना।
माइग्रेन ऑरा (Aura) क्या है?
कुछ लोगों को माइग्रेन से पहले या उसके दौरान 'ऑरा' का अनुभव होता है। इसके संभावित लक्षणों में शामिल हैं:
आँखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या अजीब आकृतियाँ दिखाई देना।
देखने में अस्थायी बदलाव या परेशानी होना।
हाथों, बाहों, चेहरे या शरीर के अन्य हिस्सों में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना।
बोलने में या सही शब्द ढूँढ़ने में परेशानी होना।
अस्थायी रूप से उलझन या कमज़ोरी महसूस होना।
माइग्रेन से पीड़ित हर व्यक्ति को ऑरा का अनुभव नहीं होता है।
माइग्रेन के लक्षणों से राहत कैसे पाई जा सकती है?

जीवनशैली में कुछ बदलाव करके परेशानी कम की जा सकती है और संभावित ट्रिगर्स (कारणों) की पहचान की जा सकती है:
पर्याप्त और नियमित नींद लें।
खाना न छोड़ें और नियमित समय पर खाने की कोशिश करें।
दिन भर में पर्याप्त पानी पिएँ।
जब रोशनी और शोर से लक्षण बढ़ जाएँ, तो शांत और अंधेरे या कम रोशनी वाले कमरे में आराम करें।
अपनी दिनचर्या में नियमित और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि शामिल करें।
आराम करने और तनाव कम करने के तरीकों को अपनाएँ।
एक माइग्रेन डायरी बनाएँ जिसमें अटैक कब हुआ, आपने क्या खाया, आपकी नींद का पैटर्न, तनाव का स्तर और अन्य संभावित ट्रिगर्स का रिकॉर्ड रखें।
अगर माइग्रेन बार-बार होता है, तो डॉक्टर इसके कारण का पता लगाने और सही इलाज की सलाह देने में मदद कर सकते हैं।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
माइग्रेन बार-बार होता हो।
सिरदर्द ज़्यादा गंभीर या बार-बार हो रहा हो।
सिरदर्द काम, पढ़ाई, नींद या रोज़मर्रा के कामों में बाधा डालता हो।
आपके सिरदर्द का सामान्य पैटर्न अचानक बदल जाए।
सिरदर्द पिछले अटैक की तुलना में काफ़ी अलग महसूस हो।
तुरंत मेडिकल मदद की ज़रूरत कब होती है? अचानक और बहुत तेज़ सिरदर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से जाँच करवानी चाहिए, खासकर तब जब इसके साथ ये लक्षण भी हों:
बुखार या गर्दन में अकड़न
उलझन या भ्रम की स्थिति
दौरे पड़ना
बोलने में कठिनाई
देखने में समस्या
कमज़ोरी या सुन्नपन
सिर में चोट लगने के बाद बहुत तेज़ सिरदर्द
ये लक्षण कभी-कभी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ़ माइग्रेन नहीं समझना चाहिए।
