Health Tips- क्या रेगुलर CBC जांच हमें ब्लेड कैंसर से बचा सकती हैं, आइए जानते हैं इसकी
दोस्तो बात जब स्वास्थ्य की आती हैं तो ब्लड का सबसे पहले दिमाग में ध्यान देना आता हैं और Complete Blood Count (CBC) टेस्ट कराना सबसे पहले दिमाग में आता है, जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC), सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) और प्लेटलेट्स समेत कई महत्वपूर्ण चीजों की जानकारी मिलती है। कई बार CBC में ऐसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं जो किसी गंभीर बीमारी की ओर संकेत करते हैं। हालांकि, सिर्फ CBC के आधार पर ब्लड कैंसर की पुष्टि नहीं की जा सकती। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

CBC के साथ Peripheral Blood Smear भी जरूरी
CBC में अगर किसी तरह की असामान्यता दिखाई देती है, तो डॉक्टर Peripheral Blood Smear की सलाह दे सकते हैं। इसमें खून की एक पतली परत बनाकर माइक्रोस्कोप से रक्त कोशिकाओं को देखा जाता है।
इससे डॉक्टर को यह समझने में मदद मिल सकती है कि रक्त में कोशिकाओं का आकार, संख्या और स्वरूप सामान्य है या नहीं। कुछ मामलों में इससे ल्यूकेमिया जैसे ब्लड कैंसर का संकेत मिल सकता है।
केवल CBC ही पर्याप्त नहीं
किसी मरीज की शारीरिक जांच और मेडिकल हिस्ट्री भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। डॉक्टर आमतौर पर इन बातों पर ध्यान देते हैं:
क्या शरीर में लिम्फ नोड्स यानी गांठें बढ़ी हुई हैं?
क्या ये गांठें छूने पर महसूस हो रही हैं?
प्लीहा (Spleen) का आकार सामान्य है या बढ़ा हुआ?
त्वचा पर किसी तरह के रैशेज या लाल, काले अथवा नीले निशान तो नहीं हैं?
शरीर में असामान्य रक्तस्राव के संकेत तो नहीं हैं?
मरीज को कौन-कौन से लक्षण हैं और वे कितने समय से मौजूद हैं?
इन सभी जानकारियों को मिलाकर डॉक्टर आगे की जांच तय करते हैं।
कौन से Blood Cancer CBC में आसानी से नहीं दिखते?
ब्लड कैंसर कई प्रकार के होते हैं। लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे कुछ कैंसर CBC या सामान्य ब्लड फिल्म में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे सकते।
अगर मरीज के लक्षण और शारीरिक जांच से डॉक्टर को किसी बीमारी का संदेह होता है, तो Biopsy की जरूरत पड़ सकती है। इसमें लिम्फ नोड, ग्रंथि या प्रभावित टिश्यू का छोटा सा नमूना लेकर प्रयोगशाला में माइक्रोस्कोप से जांच की जाती है।

Bone Marrow Test क्यों किया जाता है?
कुछ ब्लड कैंसर की जांच के लिए Bone Marrow Examination किया जाता है। इसमें आमतौर पर कूल्हे की हड्डी से सुई की मदद से बोन मैरो का छोटा नमूना लिया जाता है।
इसके माइक्रोस्कोपिक और अन्य परीक्षणों से ल्यूकेमिया, मायलोमा और बोन मैरो से जुड़ी अन्य बीमारियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
Molecular Tests से मिलती है कैंसर की गहराई से जानकारी
आज के समय में ब्लड कैंसर की आशंका या पुष्टि होने पर Molecular Tests भी किए जा सकते हैं। इन जांचों में कैंसर कोशिकाओं के DNA में मौजूद बदलावों और म्यूटेशन का विश्लेषण किया जाता है।
इन परीक्षणों से बीमारी के प्रकार और उसके व्यवहार को समझने में मदद मिल सकती है। कुछ मामलों में इनके परिणाम डॉक्टरों को उपचार की रणनीति तय करने में भी मदद करते हैं।
